धर्म-अध्यात्म

Sakat Chauth 2026: 6 या 7 जनवरी व्रत का महत्व और तिथि

Harrison
3 Jan 2026 7:21 PM IST
Sakat Chauth  2026: 6 या 7 जनवरी व्रत का महत्व और तिथि
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Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म : सकट चौथ 2026 का व्रत जनवरी के पहले हफ्ते में मनाया जाएगा। इस साल यह व्रत 6 जनवरी, सोमवार और 7 जनवरी, मंगलवार को पड़ रहा है। धार्मिक ग्रंथों और पुराणों के अनुसार, सकट चौथ का व्रत भगवान गणेश और देवता शनि की कृपा पाने के लिए रखा जाता है। इसे महिलाओं के साथ-साथ पुरुष भी कर सकते हैं।
सकट चौथ का व्रत विशेष रूप से परिवार की सुख-समृद्धि, शत्रु पर विजय और कष्टों से मुक्ति के लिए माना जाता है। इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जल व्रत रखते हैं और केवल सूर्यास्त के बाद या दिनभर फलाहार करके पूजा करते हैं। पुराणों में लिखा है कि इस दिन सप्तम, अष्टम और नवम तिथि के दिन भी व्रत का फल मिलता है, लेकिन मुख्य रूप से चतुर्थी तिथि ही सर्वोत्तम मानी जाती है।
व्रत के दिन लोग सुबह स्नान करके साफ-सुथरे स्थान पर संकट निवारण यंत्र और गणेश की मूर्ति स्थापित करते हैं। इसके बाद विशेष विधि से पूजा की जाती है। पूजा में मधु, तिल, गुड़ और दही का भोग लगाया जाता है। भक्त व्रत की समाप्ति पर सोलह श्रृंगार और दीपक जलाकर भगवान गणेश की आरती करते हैं।
संकट चौथ के महत्व को देखते हुए धार्मिक ज्योतिषियों का कहना है कि इस वर्ष 2026 में 6 और 7 जनवरी दोनों दिन व्रत करने वाले अपने जीवन से संकट और परेशानियों को दूर कर सकते हैं। विशेषकर जो लोग व्यापार या नौकरी में परेशान हैं, उनके लिए यह व्रत फायदेमंद माना जाता है।
व्रत के साथ-साथ इस दिन शनि ग्रह की शांति के लिए तेल, काले तिल और हरी सब्जियां का दान करना भी शुभ फल देता है। महिलाएं विशेष रूप से अपने परिवार की सुरक्षा और पति की लंबी उम्र के लिए यह व्रत करती हैं।
इस प्रकार, सकट चौथ 2026 का व्रत धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि आप इस वर्ष व्रत करना चाहते हैं, तो पंचांग के अनुसार 6 जनवरी या 7 जनवरी को पूजा कर सकते हैं। यह व्रत न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
मुख्य बिंदु:
सकट चौथ 2026: 6 जनवरी (सोमवार) और 7 जनवरी (मंगलवार)
व्रत का महत्व: संकट निवारण, सुख-समृद्धि और शत्रु पर विजय
पूजा विधि: गणेश जी की मूर्ति, विशेष भोग और दीपक
व्रत फल: परिवार की सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक समृद्धि
दान: तेल, काले तिल और हरी सब्जियां
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