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Topaz धारण करने के नियम, जानें कौन से रत्नों से बचें

Religion धर्म : रत्नशास्त्र में कई ऐसे रत्नों का जिक्र मिलता है, जिन्हें प्रभावशाली और शुभ माना जाता है। इन्हीं में से एक है पुखराज रत्न, जिसे अंग्रेजी में येलो सफायर भी कहा जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, पुखराज का संबंध देवगुरु बृहस्पति यानी गुरु ग्रह से माना जाता है।
मान्यता है कि पुखराज धारण करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। इसे भाग्य वृद्धि, करियर में सफलता, आर्थिक स्थिति में सुधार और वैवाहिक जीवन से जुड़ी परेशानियों को दूर करने वाला रत्न माना जाता है। हालांकि, रत्नशास्त्र के अनुसार केवल पुखराज पहन लेना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि इसे सही दिन, सही विधि और मंत्रों के साथ धारण करना जरूरी माना जाता है।
गुरुवार के दिन पहनना माना जाता है शुभ
रत्नशास्त्र के अनुसार, पुखराज को धारण करने के लिए गुरुवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है। गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति को समर्पित होता है, इसलिए इस दिन पुखराज पहनने से इसका प्रभाव अधिक शुभ माना जाता है।
पुखराज पहनने से पहले इसे शुद्ध करने की परंपरा है। इसके लिए रत्न को कच्चे दूध और गंगाजल से साफ किया जाता है। इसके बाद भगवान विष्णु या बृहस्पति देव का ध्यान करके इसे धारण किया जाता है।
मान्यता के अनुसार, पुखराज को दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली यानी इंडेक्स फिंगर में पहनना शुभ माना जाता है। हालांकि, किसी भी रत्न को धारण करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर माना जाता है।
पुखराज पहनते समय करें मंत्र जाप
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, पुखराज धारण करते समय मंत्र जाप करने से इसकी सकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। पुखराज पहनते समय इन मंत्रों में से किसी एक का 108 बार जाप करने की परंपरा बताई गई है।
1. ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः
2. ॐ बुं बृहस्पतये नमः
मंत्र जाप के बाद पुखराज धारण करने से गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
किन रत्नों के साथ नहीं पहनना चाहिए पुखराज?
रत्नशास्त्र के अनुसार, कुछ रत्नों के साथ पुखराज पहनने से बचने की सलाह दी जाती है। इनमें खासतौर पर हीरा और ओपल शामिल हैं।
मान्यता के अनुसार, हीरा और ओपल का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है, जबकि पुखराज गुरु ग्रह का रत्न है। ज्योतिष में गुरु और शुक्र की ऊर्जा को अलग-अलग माना जाता है। इसी कारण इन दोनों रत्नों को एक साथ धारण करने से बचने की सलाह दी जाती है।
कहा जाता है कि पुखराज के साथ हीरा या ओपल पहनने से वैवाहिक जीवन, सुख-सुविधाओं और आर्थिक मामलों में असंतुलन की स्थिति बन सकती है।
रत्न पहनने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूरी
रत्नशास्त्र में ग्रहों और रत्नों के प्रभाव को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं। हर व्यक्ति की जन्म कुंडली और ग्रहों की स्थिति अलग होती है, इसलिए कोई भी रत्न पहनने से पहले योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित माना जाता है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि रत्नों से जुड़े ये सभी दावे धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। लोग इन्हें अपनी आस्था और विश्वास के अनुसार अपनाते हैं।





