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Puri's की जगन्नाथ रथ यात्रा का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व

Ratna Netam
3 July 2026 6:27 PM IST
Puris  की जगन्नाथ रथ यात्रा का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
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रथ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।

Puri पुरी : भारत में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। यह विश्व प्रसिद्ध यात्रा ओडिशा के पुरी में हर वर्ष भव्य रूप से निकाली जाती है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस वर्ष भी रथ यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।जगन्नाथ रथ यात्रा कुल 9 दिनों तक चलने वाला धार्मिक उत्सव है, जिसकी शुरुआत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से होती है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को भव्य रथों में विराजमान कर श्रीजगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर की ओर ले जाया जाता है।

इस पवित्र यात्रा में लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं और भगवान के रथों की रस्सियों को खींचकर पुण्य अर्जित करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस यात्रा में भगवान स्वयं अपने भक्तों के बीच आकर उन्हें दर्शन देते हैं और आशीर्वाद प्रदान करते हैं।रथ यात्रा का मुख्य आकर्षण तीनों देवताओं के विशाल और सुसज्जित रथ होते हैं, जिन्हें श्रद्धालुओं द्वारा खींचा जाता है। पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन और धार्मिक उत्सव का माहौल रहता है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

इस वर्ष जगन्नाथ रथ यात्रा 16 जुलाई, गुरुवार से शुरू होगी। यात्रा के दौरान भगवान गुंडिचा मंदिर में कुछ दिन विश्राम करते हैं और फिर वापसी यात्रा शुरू होती है। यह उत्सव 24 जुलाई को बहुड़ा यात्रा यानी वापसी यात्रा के साथ संपन्न होगा।पुरी में इस अवसर पर सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम शुरू कर दिए हैं। लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।यह रथ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की भव्यता को भी दर्शाती है, जो सदियों से श्रद्धालुओं को एक साथ जोड़ती आ रही है।

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