धर्म-अध्यात्म

108 साल बाद नाग पंचमी पर दुर्लभ संयोग, इस पूजा से मिलेगा विशेष फल

Shiddhant Shriwas
12 Aug 2021 8:56 AM GMT
108 साल बाद नाग पंचमी पर दुर्लभ संयोग, इस पूजा से मिलेगा विशेष फल
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हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन नागों की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म में हरियाली तीज के बाद आने वाला नाग पंचमी का पर्व विशेष महत्व होता है। 13 अगस्त को नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। मान्यता है नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं जरूर पूरी होती है। नाग पंचमी के अवसर पर की जाने वाली पूजा से राहु केतु के बुरे प्रभाव एवं कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। नाग देवता की पूजा के साथ भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए। इस दिन रुद्राभिषेक कराने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

इस साल की नाग पंचमी विशेष शुभ योग में मनाई जाएगी। लगभग 108 वर्षों के बाद नाग पंचमी पर दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। नाग पंचमी के दिन शुभ योग बनने से जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष है उनके लिए यह पर्व बहुत ही शुभ रहेगा। 13 अगस्त को नाग पंचमी उत्तरा योग और हस्त नक्षत्र के संयोग में मनाई जाएगी।

पूजा विधि

पंचमी के दिन सुबह स्नान कर व्रत और पूजा का संकल्प लें। पूजा स्थल पर नागदेवता का चित्र लगाएं या मिट्टी के सर्प देवता बना कर उनको चौकी पर स्थापित कर दें। हल्दी, रोली, चावल,कच्चा दूध और फूल चढ़ाकर नाग देवता की पूजा करें। तत्पश्चात कच्चा दूध, घी, चीनी मिलाकर नाग देवता को अर्पित करें।नाग पंचमी के दिन अनन्त, वासुकि, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीर, कर्कट और शंख नामक अष्टनागों का ध्यान कर पूजा करें। अब नाग देवता की आरती करें और वहीं बैठ कर नागपंचमी की कथा पढ़ें। इसके बाद नाग देवता से घर में सुख-शांति और सुरक्षा की प्रार्थना करें। नागदेवता की पूजा करने वाली महिलाएं नाग को अपना भाई मानती हैं और उनसे अपने परिवार की रक्षा का वचन लेती हैं। मान्यता है कि नागपंचमी पर सांपों को दूध चढ़ाने से अक्षय-पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही नागदेवता की पूजा से घर में धन आगमन का स्रोत बढ़ता है। शास्त्रों में वर्णित है कि नाग देव गुप्त धन की रक्षा करते हैं।

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