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नई दिल्ली: हिंदू धर्म में एकादशी को सबसे शुभ तिथियों में से एक माना जाता है। इस दिन मुख्य रूप से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। हर महीने एकादशी दो बार आती है पहली कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में। किसी भी पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी कहा जाता है और हर तिथि का अपना अलग महत्व होता है।
ऐसा माना जाता है कि इस व्रत को रखने से जीवन में समृद्धि आती है, आध्यात्मिक विकास होता है और मानसिक शांति मिलती है। भक्त पूरी श्रद्धा और पवित्र भाव से एकादशी का व्रत रखते हैं। इस व्रत को रखने के कुछ विशेष नियम बनाए गए हैं और उनका पालन करके ही पूजा का पूर्ण फल मिलता है।
सभी एकादशी तिथियों में से कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की रमा एकादशी को खास माना जाता है। इस साल रमा एकादशी 05 नवंबर को पड़ेगी। आइए आपको बताते हैं इस दिन कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए जिससे विष्णु जी की कृपा बनी रहे।
चावल का सेवन न करें
अगर आप एकादशी का व्रत करते हैं, तो आपको इस दिन फलाहार रहकर ही इसका पालन करना चाहिए, लेकिन यदि आप व्रत न भी करें तब भी आपको इस दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
ऐसी मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल का सेवन करने से विष्णु जी का आशीर्वाद नहीं मिलता है। यही नहीं ऐसा भी माना जाता है कि चावल का सेवन करने से मन अशांत रखता है।
तामसिक भोजन का सेवन न करें
आप भले ही एकादशी का व्रत न करें, लेकिन आपको इस दिन तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए। इस दिन भूलकर भी मांस-मदिरा और लहसुन-प्याज को भोजन में शामिल न करें। इस दिन आपको पूरी तरह सात्विक रहते हुए विष्णु जी की पूजा करनी चाहिए।
तुलसी न तोड़ें
आपको रमा एकादशी के दिन तुलसी की पत्तियां न तो तोड़नी चाहिए और न ही तुलसी के पौधे में जल चढ़ाना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं, तो माता लक्ष्मी और विष्णु जी का आशीर्वाद नहीं मिलता है।
हालांकि, इस दिन आप विष्णु जी को जो भी भोग अर्पित करें उसमें तुलसी की पत्तियां जरूर रखें। इसके लिए आप एक दिन पहले ही तुलसी की पत्ती तोड़कर रख लें। इस दिन आप तुलसी की पूजा करें और दीपक जलाकर आरती करें।
क्रोध करने से बचें
किसी भी व्रत का सबसे पहला नियम होता है कि आपको इस दिन क्रोध करने और झूठ बोलने से बचना चाहिए। रमा एकादशी के दिन भी आप इन नियमों का पालन जरूर करें, ऐसा करने से विष्णु जी का आशीर्वाद मिलता है और पूजा का पूर्ण फल भी मिलेगा।
किसी से भी दान लेने से बचें
एकादशी के दिन आपको किसी से दान के रूप में या मुफ्त में कोई वस्तु नहीं लेनी चाहिए। इस दिन आपको दान लेने के बजाय दान करना चाहिए। ऐसा करने से पूजा का पूर्ण फल मिलता है और विष्णु जी के साथ माता लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहती है।
अगर आप भी रमा एकादशी के दिन यहां बताई गलतियों से बचेंगे तो आपको पूजा का पूर्ण फल मिलेगा और घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।
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