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Religion धर्म : ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली भव्य जगन्नाथ रथ यात्रा को भक्ति और आस्था का महाकुंभ माना जाता है। यह धार्मिक उत्सव न केवल भारत में बल्कि दुनियाभर में श्रद्धालुओं के बीच विशेष महत्व रखता है।
जगन्नाथ रथ यात्रा 9 दिनों तक चलने वाला एक प्रमुख हिंदू पर्व है, जिसे रथ उत्सव या श्री गुंडीचा यात्रा के नाम से भी जाना जाता है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली जाती है।
यह यात्रा पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर गुंडिचा मंदिर तक जाती है। तीनों देवताओं को अलग-अलग रथों में विराजमान कर भक्तजन उन्हें खींचते हैं। इस दौरान पूरे शहर में भक्ति, जयकारे और उत्सव का माहौल देखने को मिलता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, जगन्नाथ रथ यात्रा हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को धूमधाम से निकाली जाती है। इस अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं और भगवान जगन्नाथ के दर्शन का लाभ लेते हैं।
मान्यता है कि इस रथ यात्रा में शामिल होने या रथ खींचने से व्यक्ति को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। यही कारण है कि यह पर्व धार्मिक आस्था का एक बड़ा केंद्र माना जाता है।
पुरी की सड़कों पर इस दौरान भव्य सजावट की जाती है और सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए जाते हैं। प्रशासन और मंदिर समिति मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में जुटते हैं।
संक्षेप में, पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा आस्था, परंपरा और भक्ति का अनूठा संगम है, जो हर साल लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है। यह पर्व भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को दर्शाता है और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देता है।





