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धर्म-अध्यात्म
Paush month की शुरुआत, जानें इस महीने की खास बातें और ध्यान रखने योग्य बातें
Harrison
26 Nov 2025 7:33 PM IST

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Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म: हिंदू पंचांग के अनुसार, भारत में पौष माह की शुरुआत इस साल [तारीख डालें] से हो गई है। यह माह शीत ऋतु के मध्य में आता है और खास धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व रखता है। पौष मास हिन्दू कैलेंडर का दसवां महीना होता है और इसे विशेष रूप से देवताओं की पूजा, तीज-त्योहारों और व्रतों के लिए माना जाता है।
पौष माह के पहले दिन को माह के पहले दिन “पौष शुक्ल प्रतिपदा” के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को लेकर अनेक धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि इस दिन से शुरू होने वाले व्रत और पूजा से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। कुछ जगहों पर इस दिन की शुरुआत विशेष स्नान, यज्ञ और धर्म-कर्म से होती है।
पौष माह का महत्व धार्मिक दृष्टि से भी गहरा है। इस महीने में कई प्रमुख त्योहार और व्रत आते हैं। इनमें पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, और सप्तऋषि व्रत प्रमुख हैं। मकर संक्रांति का पर्व विशेष रूप से प्रसिद्ध है, जिसे सूर्य भगवान के उत्तरायण होने के अवसर पर मनाया जाता है। इस दिन घरों में तिल और गुड़ के लड्डू बनाए जाते हैं और नए कपड़े पहनकर स्नान किया जाता है। मकर संक्रांति का महत्व यह है कि इसे व्रत, दान और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है।
इस महीने में कृषि समुदाय के लिए भी खास महत्व होता है। पौष माह की शुरुआत के साथ ही अधिकांश खेतों में खरीफ की फसल काटकर बीज और मिट्टी की तैयारी शुरू हो जाती है। किसान इस माह को शुभ मानकर नए कार्यों की शुरुआत करते हैं।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, पौष मास में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है। इस समय व्रत, दान, और भजन-कीर्तन करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, कुछ स्थानों पर इस महीने में गाय की पूजा और धन की रक्षा के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं।
स्वास्थ्य और दैनिक जीवन में पौष माह के दौरान विशेष ध्यान रखने की भी परंपरा रही है। ठंड के मौसम के कारण शरीर को गर्म रखने और रोगों से बचाने के लिए विशेष आहार, आयुर्वेदिक उपचार और पौष्टिक भोजन पर जोर दिया जाता है। शीत ऋतु में होने के कारण, गर्म भोजन और देसी घी का सेवन बढ़ाने की सलाह दी जाती है।
पौष माह का महत्व केवल धार्मिक या कृषि तक ही सीमित नहीं है। यह माह सामाजिक और पारिवारिक मेल-जोल का भी प्रतीक है। इस समय लोग मेलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामूहिक भजन-कीर्तन में हिस्सा लेते हैं। यह माह अपने आप में मनोबल बढ़ाने और समुदाय में भाईचारे को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करता है।
विशेष रूप से ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस माह में स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंध और धार्मिक कृत्य सभी का संतुलन बनाए रखना चाहिए। अनावश्यक यात्राओं और कठिन शारीरिक परिश्रम से बचना चाहिए। इसके साथ ही, दान और सेवा के कार्य करने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
इस प्रकार, पौष माह की शुरुआत केवल कैलेंडर की नई शुरुआत नहीं है, बल्कि यह धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह माह हमें जीवन में संतुलन, परंपरा और समाजिक जिम्मेदारी की याद दिलाता है।
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