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धर्म-अध्यात्म
Paush Month 2025: छोटा पितृ पक्ष, जानें पितृ दोष दूर करने के उपाय
Harrison
3 Dec 2025 8:23 PM IST

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Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म : हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष मास 2025 में धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसे ‘छोटा पितृ पक्ष’ भी कहा जाता है। इस मास में पितरों की तृप्ति और उनके आशीर्वाद पाने के लिए विशेष श्राद्ध अनुष्ठान किए जाते हैं। पितृ पक्ष मुख्य रूप से दिवंगत पूर्वजों को याद करने, उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और उनके आशीर्वाद प्राप्त करने का समय होता है। पौष मास के दौरान किए जाने वाले श्राद्ध और तर्पण से पितृ दोष दूर होने में मदद मिलती है और जीवन में सुख-शांति आती है।
पौराणिक कथाओं के अनुसार, पितृ दोष तब उत्पन्न होता है जब किसी व्यक्ति के पूर्वजों की पूजा या श्राद्ध विधि से नहीं की जाती। यह दोष जीवन में विभिन्न परेशानियों का कारण बन सकता है। घर में लगातार समस्याएँ, आर्थिक संकट, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ और पारिवारिक असंतोष पितृ दोष के लक्षण माने जाते हैं। ऐसे में पौष मास में श्राद्ध करना इसे दूर करने का प्रमुख उपाय है।
पौष मास 2025 में तिथियों के अनुसार, विशेष दिन श्राद्ध और तर्पण के लिए अनुकूल माने जाते हैं। इस मास के दौरान, पितृ दोष निवारण के लिए गंगा जल से तर्पण, दान और पितृ पूजा का आयोजन किया जाता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार, पितृ पक्ष में किए जाने वाले दान और पूजा का महत्व अन्य समय की तुलना में कई गुना अधिक होता है। इस अवसर पर व्यक्ति अपने पूर्वजों के नाम से भोजन, वस्त्र और अनाज दान कर सकते हैं। इससे न केवल पितृ दोष दूर होता है, बल्कि जीवन में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति भी आती है।
विशेषकर पौष मास की कृष्ण पक्ष की द्वादशी से पौष शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तक पितृ पक्ष चलता है। इस दौरान श्राद्ध और तर्पण करने का धार्मिक महत्व अत्यधिक है। श्राद्ध अनुष्ठान के दौरान पूर्वजों के नाम से पिंडदान और तर्पण करना आवश्यक होता है। इसके अलावा, गाय, गाय के दूध, अनाज और भोजन का दान करना भी शुभ माना जाता है।
धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि पौष मास में किए जाने वाले श्राद्ध और तर्पण से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह कर्म और भक्ति का संगम होता है, जो परिवार के सभी सदस्यों को आध्यात्मिक दृष्टि से लाभ पहुँचाता है। साथ ही, यह पारिवारिक संबंधों को भी मजबूत करता है, क्योंकि पूरे परिवार के सदस्य मिलकर इस पवित्र अनुष्ठान में भाग लेते हैं।
आध्यात्मिक दृष्टि से, पौष मास में श्राद्ध करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। यह आशीर्वाद जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य लाता है। पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए नियमित रूप से पौष मास में तर्पण और श्राद्ध करना अत्यंत लाभकारी माना गया है।
सारांश में, पौष मास 2025 में पितृ दोष निवारण और पूर्वजों की तृप्ति के लिए श्राद्ध करने का विशेष महत्व है। यह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक दृष्टि से भी आवश्यक है। पितृ दोष से मुक्ति, जीवन में शांति और समृद्धि पाने के लिए पौष मास में किए जाने वाले श्राद्ध और तर्पण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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