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धर्म-अध्यात्म
राधा रानी को लगाएं ये प्रिय भोग, पूरी होगी मनोकामना
Tara Tandi
18 Sept 2026 1:45 PM IST

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Radha Ashtami ज्योतिष न्यूज़ : राधा अष्टमी का व्रत हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। इस साल राधा अष्टमी का पर्व 19 सितंबर 2026 को मनाया जा रहा है। इस दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिससे इस दिन की धार्मिक महत्ता और बढ़ जाती है। ऐसे में राधा रानी की पूजा के साथ उन्हें उनकी प्रिय और सात्विक चीजों का भोग लगाने से विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है। कहते है कि, राधा अष्टमी पर भक्तिभाव से पूजा-व्रत और भोग लगाने से राधा रानी प्रसन्न होती हैं। इससे जीवन में सुख-शांति और रिश्तों में प्रेम तथा आपसी समझ बढ़ती है। ऐसे में राधा अष्टमी के शुभ अवसर पर आप राधा रानी को इन चीजों का भोग लगा सकते हैं। आइए जानते हैं।
राधा अष्टमी 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
राधा अष्टमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 50 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा।
राधा अष्टमी 2026 दिन का चौघड़िया
काल: सुबह 6:07 से 7:39 बजे तक
शुभ: सुबह 7:39 से 9:11 बजे तक
रोग: सुबह 9:11 से 10:43 बजे तक
उद्वेग: सुबह 10:43 से दोपहर 12:14 बजे तक
चर: दोपहर 12:14 से 1:46 बजे तक
लाभ: दोपहर 1:46 से 3:18 बजे तक
अमृत: दोपहर 3:18 से 4:49 बजे तक
काल: शाम 4:49 से 6:21 बजे तक
रात का चौघड़िया
लाभ: शाम 6:21 से 7:50 बजे तक
उद्वेग: शाम 7:50 से 9:18 बजे तक
शुभ: रात 9:18 से 10:46 बजे तक
अमृत: रात 10:46 से 12:15 बजे तक
चर: रात 12:15 से 1:43 बजे तक
रोग: रात 1:43 से 3:11 बजे तक
काल: रात 3:11 से 4:40 बजे तक
लाभ: सुबह 4:40 से 6:08 बजे तक
राधा अष्टमी के शुभ अवसर पर राधा रानी को मालपुआ का भोग लगाया जाता है। इसे शुभ माना जाता है।
राधा अष्टमी के दिन राधा रानी को रबड़ी का भोग जरूर लगाएं। मान्यता है कि, श्रद्धा के साथ रबड़ी का भोग लगाने से राधा रानी की विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
इस दिन राधा रानी को पंचामृत का भोग जरूर लगाएं। इस दौरान आप पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। ऐसा करना शुभ माना जाता है।
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