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दुर्लभ संधि काल में गृह प्रवेश
नई दिल्ली: नया घर खरीदने या बनवाने के बाद गृह प्रवेश के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में तिथि, नक्षत्र, वार और ग्रहों की स्थिति देखकर ही गृह प्रवेश का समय तय किया जाता है। लेकिन अक्टूबर 2026 को लेकर कुछ जगहों पर “दुर्लभ संधि काल” और कई शुभ मुहूर्त बताए जा रहे हैं, जबकि प्रमुख पंचांग गणनाओं में स्थिति अलग दिखाई देती है।
पंचांग स्रोतों के अनुसार अक्टूबर 2026 में सामान्य गृह प्रवेश के लिए कोई स्पष्ट सार्वभौमिक शुभ दिन उपलब्ध नहीं है। महीने की शुरुआत की कई तिथियां चंद्र मास के कारण अनुपयुक्त मानी गई हैं, जबकि बाद के दिनों में शुक्र की स्थिति भी गृह प्रवेश के लिए अनुकूल नहीं बताई गई है।
14 अक्टूबर के आसपास से शुक्र अस्त की स्थिति बताई गई है। हिंदू ज्योतिष परंपरा में शुक्र अस्त के दौरान विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य सामान्यतः टालने की सलाह दी जाती है।
गृह प्रवेश का मुहूर्त केवल तारीख देखकर तय नहीं किया जाता। व्यक्ति का शहर, सूर्योदय का समय, स्थानीय पंचांग, तिथि और नक्षत्र भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि एक शहर का मुहूर्त दूसरे स्थान पर अलग हो सकता है।
धार्मिक मान्यताओं में नया घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि परिवार की सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा स्थान माना जाता है। इसलिए गृह प्रवेश के दौरान वास्तु पूजन, कलश स्थापना और हवन जैसी परंपराएं निभाई जाती हैं।
यदि अक्टूबर 2026 में ही नए घर में प्रवेश करना जरूरी हो तो परिवार अपनी स्थानीय परंपरा और व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से समय निकलवा सकता है। सामान्य पंचांग और व्यक्तिगत मुहूर्त में अंतर हो सकता है।
इसलिए अक्टूबर में गृह प्रवेश की योजना बनाने वाले लोगों को सोशल मीडिया पर चल रही तारीखों पर सीधे भरोसा करने के बजाय स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि जरूर करनी चाहिए।
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