- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- जन्माष्टमी पर व्रत...
धर्म-अध्यात्म
जन्माष्टमी पर व्रत रखने से मिलता है बड़ा पुण्य जानें देवकीनंदन ठाकुर की बात
Ratna Netam
21 Aug 2026 8:24 PM IST

x
धर्म :श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व हिंदू धर्म में बेहद विशेष और पवित्र माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है और श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान से सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी का व्रत रखने से व्यक्ति को विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। कथावाचक **देवकीनंदन ठाकुर महाराज** ने भी जन्माष्टमी व्रत के महत्व को बताते हुए कहा है कि इस व्रत का फल बहुत ही अद्भुत माना गया है।
देवकीनंदन ठाकुर के अनुसार, धार्मिक ग्रंथों में जन्माष्टमी व्रत की महिमा का वर्णन मिलता है। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति भाव से भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर व्रत करता है, उसे **20 करोड़ एकादशी व्रत के बराबर पुण्य फल** प्राप्त होने की मान्यता है। इसके साथ ही यह भी कहा जाता है कि इस व्रत के प्रभाव से परिवार की कई पीढ़ियों को आध्यात्मिक लाभ मिलता है।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का पावन पर्व
जन्माष्टमी भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी में मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा की कारागार में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था।
कहा जाता है कि जब धरती पर अत्याचार बढ़ गया था और कंस के आतंक से लोग परेशान थे, तब भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लेकर अधर्म का नाश किया और धर्म की स्थापना की।
इसी कारण जन्माष्टमी को केवल त्योहार नहीं बल्कि धर्म और सत्य की जीत के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है।
व्रत रखने का धार्मिक महत्व
जन्माष्टमी के दिन श्रद्धालु सुबह से ही उपवास रखते हैं और रात 12 बजे भगवान कृष्ण के जन्म समय पर पूजा करते हैं। मंदिरों में विशेष सजावट की जाती है, झांकियां निकाली जाती हैं और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है।
धार्मिक मान्यता है कि जन्माष्टमी का व्रत करने से मनुष्य के पापों का नाश होता है और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है।
कई भक्त इस दिन फलाहार करते हैं और भगवान को माखन, मिश्री, पंचामृत और विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित करते हैं।
20 करोड़ एकादशी के बराबर फल की मान्यता
धार्मिक कथाओं और मान्यताओं में जन्माष्टमी व्रत को अत्यंत फलदायी बताया गया है। देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने इसी धार्मिक मान्यता का उल्लेख करते हुए कहा कि जन्माष्टमी का व्रत करोड़ों एकादशी व्रत के समान पुण्य देने वाला माना जाता है। ([Instagram][1])
हालांकि, ये बातें धार्मिक आस्था और मान्यताओं पर आधारित हैं। अलग-अलग परंपराओं और ग्रंथों में इनके वर्णन अलग-अलग रूपों में मिलते हैं।
21 पीढ़ियों के कल्याण की मान्यता
हिंदू धर्म में कई व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों को परिवार के कल्याण से जोड़ा गया है। जन्माष्टमी व्रत को लेकर भी मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा से भगवान कृष्ण की पूजा करता है, उसके परिवार और आने वाली पीढ़ियों पर भगवान की कृपा बनी रहती है।
इसी कारण कई लोग अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए जन्माष्टमी का व्रत रखते हैं।
कैसे करें जन्माष्टमी की पूजा?
जन्माष्टमी के दिन पूजा के लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं।
सुबह स्नान करके भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करें। घर में मंदिर की सफाई कर भगवान कृष्ण की प्रतिमा को सजाएं। दिनभर व्रत रखने के बाद रात में भगवान के जन्म समय यानी मध्यरात्रि में विशेष पूजा करें।
भगवान को पंचामृत से स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाएं। इसके बाद माखन-मिश्री, फल और मिठाई का भोग लगाएं।
कृष्ण जन्म के समय आरती और मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है।
भक्ति और श्रद्धा का महत्व
धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी व्रत का महत्व केवल नियमों में नहीं बल्कि श्रद्धा और भावना में होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में कर्म और भक्ति के महत्व को बताया है।
जन्माष्टमी का पर्व लोगों को प्रेम, करुणा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
देशभर में मनाया जाता है उत्सव
जन्माष्टमी का पर्व पूरे भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। मथुरा और वृंदावन में इस दिन विशेष आयोजन होते हैं। मंदिरों में लाखों श्रद्धालु भगवान कृष्ण के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
महाराष्ट्र में दही हांडी की परंपरा भी इसी पर्व से जुड़ी हुई है, जिसमें भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की लीलाओं को याद किया जाता है।
TagsFastvirtueDevkinandanThakurव्रतपुण्यदेवकीनंदनठाकुरजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





