धर्म-अध्यात्म

अंक ज्योतिष इन तारीखों में जन्मे लोग निभाते हैं रिश्तों का साथ

Ratna Netam
8 Sept 2026 7:45 PM IST
अंक ज्योतिष इन तारीखों में जन्मे लोग निभाते हैं रिश्तों का साथ
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नई दिल्ली। अंक ज्योतिष (Numerology) में जन्म तारीख के आधार पर व्यक्ति के स्वभाव, सोच और रिश्तों को लेकर कई तरह की मान्यताएं बताई जाती हैं। माना जाता है कि कुछ मूलांक वाले लोग रिश्तों में बेहद वफादार होते हैं और जीवन में मुश्किल समय आने पर भी अपने पार्टनर का साथ नहीं छोड़ते।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ अंक ऐसे होते हैं जिन पर **राहु, शुक्र और शनि जैसे ग्रहों का प्रभाव** माना जाता है। इन ग्रहों को धैर्य, समर्पण, आकर्षण और जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जाता है। यही वजह है कि कुछ लोग रिश्तों में उतार-चढ़ाव आने के बावजूद अपने साथी के साथ मजबूती से खड़े रहते हैं।
हालांकि अंक ज्योतिष और ग्रहों से जुड़ी ये बातें धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
मूलांक 6: प्यार और रिश्तों में समर्पित
अंक ज्योतिष में मूलांक 6 का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है। जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की **6, 15 या 24 तारीख** को हुआ है, उनका मूलांक 6 माना जाता है।
मान्यता है कि मूलांक 6 वाले लोग प्रेम और रिश्तों को काफी महत्व देते हैं। ये अपने पार्टनर की भावनाओं को समझने की कोशिश करते हैं और मुश्किल समय में साथ निभाने वाले माने जाते हैं।
इन लोगों के लिए रिश्ते केवल आकर्षण नहीं बल्कि भावनात्मक जुड़ाव होते हैं। वे अपने साथी की छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखने की कोशिश करते हैं।
मूलांक 8: कठिन परिस्थितियों में भी देते हैं साथ
मूलांक 8 का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है। जिन लोगों का जन्म **8, 17 या 26 तारीख** को हुआ है, उनका मूलांक 8 माना जाता है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि धैर्य, संघर्ष और जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। इसलिए मूलांक 8 वाले लोगों को कठिन परिस्थितियों में भी टिके रहने वाला बताया जाता है।
रिश्तों में ये लोग जल्दी हार नहीं मानते। अगर उन्हें लगता है कि रिश्ता सच्चा है तो वे परेशानियों के बावजूद उसे संभालने की कोशिश करते हैं।
मूलांक 4: भरोसे और जिम्मेदारी वाले
मूलांक 4 का संबंध राहु ग्रह से माना जाता है। जिनका जन्म **4, 13, 22 या 31 तारीख** को हुआ है, उनका मूलांक 4 माना जाता है।
मान्यता है कि मूलांक 4 वाले लोग अपने रिश्तों में अलग सोच रखते हैं। वे दिखावे से ज्यादा वास्तविक भावनाओं को महत्व देते हैं।
ये लोग अपने पार्टनर के प्रति जिम्मेदार हो सकते हैं और मुश्किल समय में भावनात्मक सहारा देने की कोशिश करते हैं।
राहु, शुक्र और शनि का क्या माना जाता है प्रभाव?
ज्योतिष में राहु को रहस्य, जुनून और अलग सोच से जोड़ा जाता है। वहीं शुक्र को प्रेम, आकर्षण और संबंधों का कारक माना जाता है। शनि को धैर्य, कर्म और जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जाता है।
इन तीनों ग्रहों के प्रभाव वाले लोगों के बारे में मान्यता है कि वे रिश्तों में गहराई और स्थिरता को महत्व दे सकते हैं।
संघर्ष के समय क्यों मजबूत रहते हैं कुछ लोग?
अंक ज्योतिष के अनुसार कुछ लोगों में धैर्य और भावनात्मक मजबूती अधिक होती है। ऐसे लोग समस्याओं से भागने के बजाय उनका समाधान खोजने की कोशिश करते हैं।
रिश्तों में जब आर्थिक परेशानी, करियर की चुनौती या परिवार से जुड़ी मुश्किलें आती हैं, तब ऐसे लोग अपने पार्टनर को अकेला छोड़ने की बजाय साथ खड़े रहने को प्राथमिकता देते हैं।
रिश्तों में इन बातों का रखते हैं ध्यान
मान्यता के अनुसार इन मूलांक वाले लोग रिश्तों में कुछ खास बातों को महत्व देते हैं—
* विश्वास बनाए रखना
* पार्टनर की भावनाओं को समझना
* मुश्किल समय में साथ देना
* रिश्ते को समय देना
* छोटी गलतियों को माफ करना
हालांकि हर व्यक्ति का व्यवहार केवल जन्म तारीख से तय नहीं होता। व्यक्ति की परवरिश, सोच और जीवन के अनुभव भी रिश्तों को प्रभावित करते हैं।
क्या सिर्फ मूलांक से पता चलता है रिश्ता कैसा होगा?
अंक ज्योतिष में मूलांक को व्यक्ति के स्वभाव को समझने का एक तरीका माना जाता है, लेकिन किसी भी रिश्ते की सफलता केवल अंक या ग्रहों पर निर्भर नहीं होती।
एक मजबूत रिश्ता आपसी सम्मान, विश्वास, बातचीत और समझदारी से बनता है। चाहे मूलांक कोई भी हो, अच्छे व्यवहार और ईमानदारी से रिश्ते को मजबूत बनाया जा सकता है।
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