धर्म-अध्यात्म

भूलकर भी इन 5 चीजों का कभी न करें दान

Tara Tandi
10 Oct 2022 11:13 AM IST
भूलकर भी इन 5 चीजों का कभी न करें दान
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किसी जरूतमंद को दान (Daan ke Niyam) सनातन संस्कृति में काफी शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि ऐसा करने से इंसान के सारे पाप धुल जाते हैं और उसे पुण्य की प्राप्ति होती है. यही वजह है कि हिंदू धर्म में कोई भी तीज-त्योहार बिना दान के पूरा नहीं माना जाता. धर्म शास्त्रों के मुताबिक आप कुछ चीजों को छोड़कर कोई भी चीज जरूरतमंदों को दान कर सकते हैं. उन वर्जित चीजों को दान देने से उल्टा असर होने लगता है और परिवार पर संकट का पहाड़ टूट पड़ता है. आइए जानते हैं कि वे कौन सी चीजें हैं.

इन चीजों का दान करना होता है अशुभ
बासी खाना: जरूरतमंद व्यक्तियों को भोजन खिलाना काफी पुण्य का काम माना जाता है लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि वह खाना बासी न हो बल्कि एकदम ताजा हो. अगर आप धर्मात्मा बनने के चक्कर में बासी खाना दान करते हैं तो आपके परिवार को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
फटी किताबें कभी न करें दान
फटी हुई किताबें: आप भी किसी को किताबें या ग्रंथ दान (Daan ke Niyam) देना चाहते हैं तो उन्हें हमेशा ये चीजें नई ही दें. किसी भी हालत में फटी हुई किताबें या ग्रंथ देना अच्छा नहीं माना जाता. ऐसा करने से मां सरस्वती नाराज होती हैं, जिसका खामियाजा बच्चों की कमजोर पढ़ाई के रूप में भुगतना पड़ता है.
नुकीली चीजें: किसी भी जरूरतमंद को कभी भी कैंची, चाकू या अन्य कोई नुकीली चीज दान (Daan ke Niyam) नहीं देनी चाहिए. ये चीजें दूसरों को नुकसान पहुंचाने वाली होती हैं. ऐसा करने से जातक से किस्मत रूठ जाती है. साथ ही परिवार में क्लेश भी बढ़ने लगता है.
भूलकर भी झाड़ू किसी को न करें गिफ्ट
झाडू: झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. इसलिए भूलकर भी इसका दान नहीं करना चाहिए. कहा जाता है कि जो लोग अपने घर की झाड़ू को दान कर देते हैं, उन्हें दरिद्रता का सामना करना पड़ता है और कई प्रकार की बीमारियां भी उन्हें घेर लेती हैं.
तेल: घर में इस्तेमाल या खराब हो चुके तेल को दान (Daan ke Niyam) करना अशुभ माना जाता है. ऐसा करने से शनि देव अप्रसन्न होते हैं और परिवार को बुरे प्रभावों का सामना करना पड़ता है. कहा जाता है कि अगर एक बार शनि देव किसी से रूठ जाएं तो फिर उसकी जिंदगी की गाड़ी जल्दी से पटरी पर नहीं लौटती.

न्यूज़ क्रेडिट: navyugsandesh

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