धर्म-अध्यात्म

नाग पंचमी 108 साल बाद दुर्लभ संयोग, जानें इसका आप पर क्या होगा असर

Bhumika Sahu
12 Aug 2021 3:31 AM GMT
नाग पंचमी 108 साल बाद दुर्लभ संयोग, जानें इसका आप पर क्या होगा असर
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Nag Panchami 2021: शास्त्रों में कहा गया है कि नाग पंचमी के दिन काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए की जाने वाली पूजा सबसे अधिक प्रभावशाली होती है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। कल यानी कि 13 अगस्त को देशभर में नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा. हिंदू धर्म में नाग पंचमी का खास महत्व होता है. इस दिन नाग देवता और सर्पों की पूजा की जाती है. माना जाता है कि सर्पों को अर्पित की जाने वाला पूजा, नाग देवताओं के समक्ष पहुंच जाती है. इसलिए लोग इस अवसर पर, नाग देवता के प्रतिनिधि के रूप में जीवित सर्पों की पूजा करते हैं.

खास है इस साल नाग पंचमी का पर्व
ज्योतिष शास्त्र की मानें तो इस बार पड़ने वाली नाग पंचमी कई मायनों में खास होने वाली है. इस साल नाग पंचमी पर लगभग 108 साल बाद दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है. काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए यह दुर्लभ संयोग अति लाभदायक है.
काल सर्प दोष से मिलेगी मुक्ति
कहते हैं कि काल सर्प दोष पिछले जन्‍म में किए किसी अशुभ कर्म के कारण बनता है. इस बार नाग पंचमी पर उत्तरा योग और हस्त नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है. ऐसे में इस दिन काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए की जानें वाली पूजा सबसे अधिक प्रभावशाली होती है. इस दिन जातक काल सर्प दोष को दूर करने के लिए इनमें से कोई भी एक उपाय कर सकते हैं.
नाग पंचमी के दिन करें ये अचूक उपाय
काल सर्प दोष दूर करने का सबसे अचूक उपाय (Best Remedy) है कि नाग पंचमी के दिन किसी सपेरे से नाग-नागिन का एक जोड़ा खरीदकर उसे जंगल में लेजाकर छोड़ दिया जाए.
- कोई ऐसा शिवलिंग जहां पर पहले से नाग नहीं लगा हुआ हो, वहां पंच धातु का बना नाग विधि-विधान से लगवा दें. इसके बाद शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करके भगवान शिव और नाग देवता का आशीर्वाद लें. काल सर्प दोष दूर करने का यह अच्‍छा उपाय है.
- नाग पंचमी के दिन नाग देवता के दर्शन-पूजन करें. दूध से अभिषेक करके अपनी गलतियों की क्षमा मांगे. राहु-केतु की शांति के लिए पूजा करें. इसके बाद गोमेद या चांदी की नाग वाली अंगूठी धारण करें.
- नाग पंचमी के दिन नाग पूजन के ​बाद घर पर या मंदिर में नाग गायत्री मंत्र 'ओम नागकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्' का कम से कम 108 बार जाप करें. साथ ही उनसे अपनी गलती की क्षमा मांगे, इससे भी काफी लाभ होगा.




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