- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- मां लक्ष्मी की पूजा का...
धर्म-अध्यात्म
मां लक्ष्मी की पूजा का सबसे शुभ समय, जानें सही मुहूर्त
Rajeshwari Nishad
7 Nov 2026 9:49 PM IST

x
Diwali 2026 Lakshmi Puja Muhurat: देशभर में दीपावली का त्योहार रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा। हिंदू धर्म में दीपावली को सुख, समृद्धि, धन और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इस दिन घरों में दीपक जलाए जाते हैं, रंगोली बनाई जाती है और माता लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि दिवाली की रात विधि-विधान से मां लक्ष्मी की आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का वास होता है। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि इस साल लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त कब शुरू होगा और किस समय तक पूजा की जा सकेगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रेम कुमार शर्मा के नाम से दिवाली पूजा के मुहूर्त की जानकारी सामने आई है। हालांकि, उनके द्वारा निर्धारित सटीक समय की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। पंचांग के अनुसार, 8 नवंबर को प्रदोष काल और वृषभ लग्न में लक्ष्मी-गणेश पूजा करना शुभ माना गया है।
8 नवंबर को लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
रविवार, 8 नवंबर 2026
नई दिल्ली
5:54 – 7:50 PM
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
रायपुर
5:49 – 7:48 PM
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह लगभग 11 बजकर 27 मिनट से शुरू होगी और 9 नवंबर को दोपहर लगभग 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। चूंकि 8 नवंबर की शाम प्रदोष काल में अमावस्या तिथि रहेगी, इसलिए इसी दिन दीपावली का मुख्य लक्ष्मी पूजन किया जाएगा।
प्रदोष काल में क्यों की जाती है लक्ष्मी पूजा?
हिंदू धार्मिक परंपराओं में प्रदोष काल का विशेष महत्व माना गया है। सूर्यास्त के बाद का यह समय देवी-देवताओं की आराधना के लिए शुभ माना जाता है। दीपावली पर विशेष रूप से माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा प्रदोष काल में करने की परंपरा है।ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, प्रदोष काल के दौरान स्थिर लग्न मिलने पर लक्ष्मी पूजा का महत्व और बढ़ जाता है। वृषभ लग्न को स्थिर लग्न माना जाता है। मान्यता है कि इस समय पूजा करने से परिवार में स्थिरता, सुख और समृद्धि बनी रहती है। हालांकि, ये धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं हैं, जिनके परिणामों की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है।रायपुर में 8 नवंबर को प्रदोष काल शाम 5 बजकर 24 मिनट से रात 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इसी अवधि के भीतर वृषभ लग्न शाम 5 बजकर 49 मिनट से 7 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इसलिए यह समय लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बताया गया है।
दिवाली पूजा के लिए जरूरी सामग्री
लक्ष्मी पूजा की तैयारी करते समय पूजा स्थल को साफ-सुथरा रखना चाहिए। पूजन सामग्री में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा या तस्वीर, कलश, रोली, अक्षत, हल्दी, कुमकुम, फूल, माला, दीपक, घी या तेल, धूप, अगरबत्ती, मिठाई, फल, नारियल और पान-सुपारी शामिल की जा सकती है।इसके अलावा पूजा में कमल का फूल, कौड़ी और चांदी के सिक्के रखने की भी परंपरा है। हालांकि, सभी सामग्री का उपलब्ध होना अनिवार्य नहीं है। श्रद्धालु अपनी पारिवारिक परंपरा और सामर्थ्य के अनुसार पूजा कर सकते हैं।
घर पर ऐसे करें मां लक्ष्मी की पूजा
दिवाली के दिन सुबह घर की साफ-सफाई करने के बाद मुख्य द्वार पर रंगोली और दीपक सजाए जाते हैं। शाम को शुभ मुहूर्त से पहले पूजा स्थल तैयार करें। एक साफ चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें।
इसके बाद कलश स्थापित करें और दीपक जलाएं। सबसे पहले भगवान गणेश का पूजन करें। फिर माता लक्ष्मी को रोली, अक्षत, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करें। श्रद्धालु लक्ष्मी मंत्रों का जाप कर सकते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर सकते हैं।पूजा के दौरान माता लक्ष्मी को मिठाई और फल का भोग लगाया जाता है। इसके बाद लक्ष्मी-गणेश की आरती की जाती है। कई परिवारों में इस अवसर पर धन के देवता कुबेर की भी पूजा करने की परंपरा है।आरती के बाद घर के मुख्य द्वार, आंगन और अन्य सुरक्षित स्थानों पर दीपक जलाए जाते हैं। दीपक जलाते समय आग से बचाव का ध्यान रखना भी जरूरी है।
दिवाली पर दीपक जलाने का धार्मिक महत्व
दीपावली को अंधकार पर प्रकाश की विजय का पर्व माना जाता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, भगवान श्रीराम के वनवास से अयोध्या लौटने की खुशी में दीप जलाए गए थे। इसी स्मृति से दीपावली का उत्सव जुड़ा हुआ है।इस दिन दीपक जलाने को सकारात्मकता और आशा का प्रतीक माना जाता है। लोग अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों को रोशनी से सजाते हैं। व्यापारिक प्रतिष्ठानों में लक्ष्मी पूजा के साथ बहीखातों और कारोबारी दस्तावेजों के पूजन की भी परंपरा है।
पूजा करते समय इन बातों का रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लक्ष्मी पूजा के दौरान घर में स्वच्छता और शांत वातावरण बनाए रखना शुभ माना जाता है। पूजा स्थल पर अनावश्यक सामान नहीं रखना चाहिए। दीपक को सुरक्षित स्थान पर जलाएं और बच्चों को जलते दीपकों से दूर रखें।पूजा के समय परिवार के सदस्य एक साथ बैठकर आराधना कर सकते हैं। कई घरों में दिवाली पर पुराने मतभेद दूर करने और रिश्तों में मिठास बढ़ाने की भी परंपरा है।इस वर्ष रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाने वाली दीपावली पर श्रद्धालु स्थानीय पंचांग के अनुसार लक्ष्मी-गणेश पूजन कर सकते हैं। शुभ मुहूर्त का समय अलग-अलग शहरों में कुछ मिनट बदल सकता है, इसलिए अपने शहर का समय देखकर ही पूजा की तैयारी करना उचित रहेगा।
Next Story





