धर्म-अध्यात्म

11 मार्च को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी, पूजा-व्रत से Lord Krishna की कृपा पाने की मान्यता

Harrison
5 March 2026 7:22 PM IST
11 मार्च को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी, पूजा-व्रत से Lord Krishna की कृपा पाने की मान्यता
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Religion Spirituality , धर्म अध्यात्म : वैदिक पंचांग के अनुसार 11 मार्च, बुधवार को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। यह पर्व हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भक्त भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखकर उनकी भक्ति करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने और व्रत रखने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का दिन भगवान कृष्ण की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। भक्त इस दिन मंदिरों में जाकर पूजा करते हैं और घरों में भी विशेष भोग व आरती का आयोजन करते हैं। कई लोग पूरे दिन व्रत रखकर रात में पूजा के बाद व्रत खोलते हैं। इस दिन भगवान कृष्ण को माखन-मिश्री, फल और मिठाई का भोग लगाने की परंपरा भी है।
मान्यता है कि चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर कई शुभ योग बन रहे हैं। इन शुभ योगों में भगवान कृष्ण और राधा की पूजा करने से भक्तों के जीवन में सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
धार्मिक मत यह भी है कि जिन दंपतियों को संतान सुख की इच्छा होती है, वे इस दिन विशेष पूजा करते हैं। कई श्रद्धालु इस दिन संतान प्राप्ति की कामना से व्रत रखते हैं और भगवान कृष्ण से आशीर्वाद मांगते हैं। मान्यता के अनुसार सच्चे मन से की गई पूजा से भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
पूजा के समय भक्त भगवान कृष्ण का ध्यान करते हैं और धार्मिक ग्रंथों में बताए गए मंत्रों व स्तोत्रों का पाठ करते हैं। मान्यता है कि इस दिन संतान गोपाल स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना जाता है। इससे संतान सुख की कामना करने वाले दंपतियों को आशीर्वाद मिलने की बात कही जाती है।
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का यह पर्व भक्ति, श्रद्धा और आस्था का प्रतीक माना जाता है। देश के कई हिस्सों में श्रद्धालु मंदिरों में जाकर भगवान कृष्ण के दर्शन करते हैं और पूजा-अर्चना कर अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
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