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Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म: हिंदू धर्म में एकादशी का दिन विशेष महत्व रखता है और इसे भगवान विष्णु की उपासना के लिए समर्पित माना जाता है। हर महीने की एकादशी को व्रत और पूजा का विशेष महत्व दिया जाता है। इस वर्ष 2025 में मार्गशीर्ष माह में आने वाली एकादशी भी भक्तों के लिए आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मार्गशीर्ष माह में एकादशी
मार्गशीर्ष हिन्दू पंचांग का नौवां मास होता है और यह कार्तिक मास के बाद आता है। इस माह को भगवान विष्णु और विभिन्न देवी-देवताओं के पूजन का समय माना जाता है। मार्गशीर्ष माह की एकादशी को विशेष रूप से पवित्र माना जाता है, क्योंकि इस दिन व्रत और पूजा से मनोकामना पूरी होती हैं और जीवन में शांति और समृद्धि आती है।
मार्गशीर्ष एकादशी 2025 की तिथि
मार्गशीर्ष माह की एकादशी 2025 में 20 दिसंबर, शनिवार को पड़ रही है। इस दिन सूर्य और चंद्र की स्थिति विशेष रूप से शुभ मानी जाती है। हिंदू धर्मशास्त्र के अनुसार, इस दिन उपवास, दान-पुण्य और भगवान विष्णु की उपासना करने से कई प्रकार के दोष और पाप दूर होते हैं।
शुभ मुहूर्त
मार्गशीर्ष एकादशी का व्रत सुबह 6:00 बजे से प्रारंभ होगा और अगले दिन सुबह तक चलेगा। पूजा और विधि के लिए सबसे शुभ समय या मुहूर्त प्रात:काल 7:30 बजे से 10:30 बजे तक है। इस समय भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा और मंत्र जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
व्रत का महत्व
मार्गशीर्ष एकादशी का व्रत मनुष्य के शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करने के लिए किया जाता है। इस दिन का व्रत करने से शरीर के दोष समाप्त होते हैं और मानसिक शांति प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रती को अनहिंसक भोजन करना चाहिए और दिनभर पानी और भोजन का परहेज करना चाहिए।
पूजा विधि
मार्गशीर्ष एकादशी की पूजा में मुख्यतः भगवान विष्णु की आराधना की जाती है। भक्त सुबह स्नान के बाद साफ और पवित्र स्थान पर तुलसी के पत्तों से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। पूजा के दौरान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ, एकादशी कथा का श्रवण और व्रत कथा का पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
भक्त इस दिन दान-पुण्य भी करते हैं। गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और पैसे दान करना पुण्य का कार्य है। कहा जाता है कि मार्गशीर्ष एकादशी पर किए गए दान और सेवा के फल अनेक जन्मों तक मिलते हैं।
धार्मिक और आध्यात्मिक लाभ
मार्गशीर्ष एकादशी का व्रत करने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों में सुधार होता है। यह व्रत गुस्सा, लोभ और मोह जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों को कम करता है। साथ ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक शक्ति का संचार करता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रती को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
मार्गशीर्ष एकादशी 2025 का दिन भक्तों के लिए आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन व्रत, पूजा, दान और सेवा के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। मार्गशीर्ष एकादशी का पालन न केवल धार्मिक कर्तव्य है, बल्कि यह आत्मिक शांति और समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
इस वर्ष मार्गशीर्ष एकादशी पर व्रती सावधानीपूर्वक पूजा और व्रत करके अपने जीवन में सुख, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त कर सकते हैं।
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