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ताजे फूल और आम अशोक के पत्तों से बनाएं वंदनवार, मिलेगा शुभ फल

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। Diwali 2022 Remedies: दीपावली के मौके पर सबसे अधिक ध्यान घर की सफाई और रंग-रोगन पर दिया जाता है. इसके बाद शुरू होती है साज-सज्जा. इसमें बिजली की रंग-बिरंगी रोशनी से लेकर फूलों की सजावट, आर्टिफिशियल झालर-फूल और स्टिकर भी शामिल होते हैं. बदलते समय और तकनीकी के चलते सजावट के क्षेत्र में बहुत सी नई चीजें बाजार में आने लगी हैं और इनका उपयोग भी धड़ल्ले से किया जा रहा है, लेकिन एक चीज है, जो सदियों पुरानी है और उसका प्रयोग आज भी किया जा रहा है, वह है मुख्य द्वार पर लगने वाला वंदनवार. यह अलग बात है कि वंदनवार में हर साल नए प्रयोग हो रहे हैं, लेकिन कोई भी घर ऐसा नहीं होगा, जहां मुख्य द्वार पर वंदनवार न लगाया जाए. यह देखने में खूबसूरत तो लगता ही है, साथ ही आदि देव गणेश जी और माता लक्ष्मी का स्वागत भी करता है.
ताजे फूल और आम अशोक के पत्तों से बनाएं वंदनवार
ताजे फूलों और आम अथवा अशोक के पेड़ की पत्तियों से वंदनवार बनाकर लगाएं. यूं तो बहुत से लोग आर्टिफिशियल फूलों का वंदनवार भी लगाते हैं, किंतु ताजे फूलों और पत्तों के वंदनवार की बात ही कुछ और है. माना जाता है कि इन पत्तों में सभी देवी-देवताओं का वास होता है, इसलिए इसे लगाने से जीवन में खुशियां, सफलता और समृद्धि का वास होता है. आर्टिफिशियल फूलों और पत्ती से सजाने की बहुत इच्छा हो, तब भी ताजे फूलों और पत्तियों का वंदनवार भी लगाएं.
रंगोली से करें सजावट
घर के ब्रह्म स्थान यानी मध्य स्थान पर रंगोली अवश्य बनानी चाहिए. रंगोली पूजा घर में बनाना भी उत्तम रहता है. रंगोली बनाने से पारिवारिक उन्नति भी होती है. दीपावली के अवसर पर कोशिश करनी चाहिए कि घर के अंदर और बाहर के हिस्से को अच्छी तरह प्रकाशवान किया जाए. इसके लिए मिट्टी का कच्चा दीपक अवश्य लेना चाहिए, जिसे दीपावली की रात में घी से भरकर जलाएं. इसके अलावा बाहरी दीवारों पर तेल के दीपक भी जलाने चाहिए, भले ही आपने बिजली की सजावट कर रखी हो. इसके अलावा वंदन को देसी घी में अच्छे से मिलाकर घर में कई जगहों पर स्वास्तिक एवं ओम लिखना चाहिए. इसको घर के दरवाजे पर अवश्य बनाना चाहिए.
पूर्वजों के चित्रों पर माला पहनाना न भूलें
एक खास बात और नोट करनी चाहिए कि घर में जितने भी पूर्वजों की फोटो हैं, उन पर ताजे पुष्पों की माला पहनानी चाहिए, कम से कम दीपावली के दिन तो यह कार्य करना ही चाहिए. उनमें आर्टीफिशिल फूलों की माला नहीं पहनानी चाहिए.





