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धर्म-अध्यात्म
ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव अक्टूबर में इन राशियों की बदलेगी स्थिति
Ratna Netam
1 Oct 2026 9:09 PM IST

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धर्म : अक्टूबर 2026 का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस महीने गुरु, सूर्य, शुक्र और बुध समेत कई प्रमुख ग्रहों की चाल और नक्षत्र स्थिति में बदलाव होगा। खासतौर पर 8 अक्टूबर को देवगुरु बृहस्पति और 11 अक्टूबर को सूर्य की स्थिति में होने वाला परिवर्तन कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा इसी महीने शुक्र और बुध की वक्री चाल तथा गुरु का राशि परिवर्तन भी होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन ग्रहों की स्थिति से कई खास योग बनेंगे, जिनका प्रभाव करियर, धन, कारोबार, शिक्षा और रिश्तों पर पड़ सकता है।
8 अक्टूबर को गुरु बदलेंगे नक्षत्र
देवगुरु बृहस्पति 8 अक्टूबर 2026 को अश्लेषा नक्षत्र के चौथे चरण में प्रवेश करेंगे। यह परिवर्तन शाम करीब 7:03 बजे होगा और गुरु 31 अक्टूबर तक इसी स्थिति में रहेंगे। ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, शिक्षा, संतान, विवाह, भाग्य, धन और धार्मिक कार्यों का कारक माना जाता है। ऐसे में गुरु की नक्षत्र स्थिति में बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।गुरु के इस परिवर्तन से मेष, मिथुन, कर्क, कन्या, तुला और मीन राशि के जातकों के लिए कुछ सकारात्मक संकेत बताए जा रहे हैं। मेष राशि के लोगों को नौकरी और करियर में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। लंबे समय से रुका कोई काम भी आगे बढ़ सकता है।मिथुन राशि वालों के लिए आय और बचत के मामले में सुधार की संभावना मानी जा रही है। नौकरीपेशा लोगों को अतिरिक्त आय का मौका मिल सकता है। कर्क राशि वालों के आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है और करियर में नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं।कन्या राशि वालों को पुराने संपर्कों से फायदा मिलने के योग बताए जा रहे हैं। नौकरी बदलने या नए प्रोजेक्ट से जुड़ने की योजना बना रहे लोगों को अवसर मिल सकता है। तुला राशि वालों के लिए कारोबारी स्थिति मजबूत हो सकती है, जबकि मीन राशि वालों को शिक्षा, रचनात्मक कार्य और नौकरी के क्षेत्र में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं।
11 अक्टूबर को सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन
11 अक्टूबर को सूर्य चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, पद, प्रतिष्ठा, नेतृत्व और सरकारी क्षेत्र का कारक माना जाता है। सूर्य की नक्षत्र स्थिति बदलने के बाद मेष, सिंह और धनु समेत कुछ राशियों के लिए करियर से जुड़े मामलों में बदलाव के संकेत बताए जा रहे हैं।मेष राशि वालों की कार्यक्षेत्र में सक्रियता बढ़ सकती है। नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ वरिष्ठ अधिकारियों से संबंध बेहतर होने की संभावना है। सिंह राशि वालों के लिए सूर्य का यह परिवर्तन आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला माना जा रहा है। कामकाज में पहचान मिल सकती है और आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत हैं।धनु राशि वालों के लिए करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामलों में यह समय महत्वपूर्ण हो सकता है। काम से जुड़ी यात्रा या नए अवसर मिलने की संभावना भी बताई जा रही है।
11 अक्टूबर को बनेगा शुक्र-चंद्र का खास योग
11 अक्टूबर को ही चंद्रमा के तुला राशि में आने से शुक्र और चंद्रमा की युति बनने की भी ज्योतिषीय गणना है। इस संयोग को कुछ ज्योतिषीय परंपराओं में ‘कलात्मक योग’ कहा जाता है। इसका संबंध सौंदर्य, कला, रचनात्मकता, प्रेम और भौतिक सुखों से जोड़ा जाता है। यह संयोग लगभग 13 अक्टूबर तक प्रभावी रहने की बात कही जा रही है।मेष राशि वालों के लिए यह योग आर्थिक मामलों और रिश्तों में सकारात्मक प्रभाव दे सकता है। तुला राशि में ही यह युति बनने के कारण तुला जातकों के लिए सामाजिक प्रतिष्ठा, रचनात्मक कार्य और आर्थिक मामलों में अच्छे अवसर के संकेत माने जा रहे हैं। कुंभ राशि वालों के लिए भी भाग्य का सहयोग, नौकरी में प्रगति और कारोबार में लाभ की संभावना बताई जा रही है।
अक्टूबर में शुक्र भी होंगे वक्री
अक्टूबर में ग्रहों की चाल का सिलसिला इससे पहले ही शुरू हो जाएगा। 3 अक्टूबर को शुक्र वक्री अवस्था में आएंगे। शुक्र को प्रेम, आकर्षण, सुख-सुविधा, कला और धन से जोड़कर देखा जाता है। शुक्र की वक्री चाल के दौरान पुराने रिश्ते, आर्थिक निर्णय और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं पर दोबारा विचार करने की स्थिति बन सकती है।ज्योतिषीय मान्यता है कि इस अवधि में जल्दबाजी में बड़े आर्थिक फैसले लेने के बजाय सोच-समझकर आगे बढ़ना बेहतर रहता है।
17 अक्टूबर को सूर्य करेंगे राशि परिवर्तन
17 अक्टूबर को सूर्य तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इसी दौरान तुला राशि में दूसरे ग्रहों की मौजूदगी से कई महत्वपूर्ण ग्रह संयोग बन सकते हैं। सूर्य और बुध की युति को बुधादित्य योग कहा जाता है, जबकि सूर्य, बुध और शुक्र की एक साथ मौजूदगी से त्रिग्रही योग बनने की बात कही जा रही है।ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुधादित्य योग को बुद्धि, नेतृत्व क्षमता, कारोबार और मान-सम्मान से जोड़ा जाता है। हालांकि इसका वास्तविक फल किसी व्यक्ति की जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति पर निर्भर माना जाता है।
24 अक्टूबर को बुध होंगे वक्री
24 अक्टूबर को बुध की चाल में भी बदलाव होगा और वे वक्री हो जाएंगे। बुध को व्यापार, बुद्धि, संवाद, तकनीक और निर्णय लेने की क्षमता का कारक माना जाता है। इस अवधि में जरूरी दस्तावेजों, कारोबारी फैसलों और बातचीत में अतिरिक्त सावधानी रखने की ज्योतिषीय सलाह दी जाती है।
31 अक्टूबर को गुरु करेंगे बड़ा राशि परिवर्तन
महीने के आखिर में 31 अक्टूबर को गुरु कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। यह अक्टूबर के सबसे बड़े ग्रह परिवर्तनों में से एक माना जा रहा है। गुरु का राशि परिवर्तन शिक्षा, करियर, विवाह और आर्थिक मामलों को लेकर कई राशियों के लिए नई परिस्थितियां बना सकता है।कुल मिलाकर अक्टूबर 2026 में ग्रहों की चाल लगातार बदलती रहेगी। 8 अक्टूबर का गुरु नक्षत्र परिवर्तन और 11 अक्टूबर का सूर्य नक्षत्र परिवर्तन विशेष रूप से चर्चा में रहेगा। इसके अलावा शुक्र-चंद्र युति, बुधादित्य और त्रिग्रही योग जैसे संयोग भी ज्योतिषीय रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।हालांकि राशिफल और ग्रहों के प्रभाव ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित होते हैं। किसी व्यक्ति पर वास्तविक प्रभाव उसकी जन्मकुंडली, ग्रहों की स्थिति और दशा के अनुसार अलग-अलग बताया जाता है। इसलिए आर्थिक, स्वास्थ्य या करियर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले केवल राशिफल के आधार पर नहीं लेने चाहिए।
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