- Home
- /
- अन्य खबरें
- /
- धर्म-अध्यात्म
- /
- फाल्गुन माह में Maha...
धर्म-अध्यात्म
फाल्गुन माह में Maha Shivaratri और रोहिणी व्रत का विशेष महत्व
Harrison
8 Feb 2026 7:41 PM IST

x
Religion Spirituality ,धर्म अध्यात्म : फाल्गुन महीना सनातन धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है। यह महीना खासकर भगवान शिव को समर्पित होता है। फाल्गुन में ही महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। महाशिवरात्रि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आती है। इस दिन श्रद्धालु भगवान शिव और मां पार्वती की विशेष पूजा और आराधना करते हैं। माना जाता है कि इस दिन शिवजी की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति मिलती है। भक्त उपवास रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और मंत्रों का जाप करते हैं।
महाशिवरात्रि के दिन सुबह से ही पूजा की तैयारी शुरू हो जाती है। भक्त स्नान करके विधि-विधान से शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी और बेलपत्र अर्पित करते हैं। इसके साथ ही पंचामृत का अभिषेक किया जाता है। रात के समय भक्त भजन, कीर्तन और शिवाष्टक का पाठ करते हैं। कुछ स्थानों पर शिवरात्रि महोत्सव भी आयोजित होते हैं, जहां मंदिरों में विशेष सजावट की जाती है और श्रद्धालु भक्ति गीतों में मग्न रहते हैं।
फाल्गुन माह में ही रोहिणी नक्षत्र की तिथि पर रोहिणी व्रत का पालन किया जाता है। रोहिणी व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाएं करती हैं। इस व्रत में माता-पिता अपने बच्चों के लिए विशेष प्रार्थना करते हैं और परिवार की खुशहाली के लिए पूजा अर्चना करते हैं। रोहिणी व्रत का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसे करने से व्यक्ति की इच्छाएं पूरी होती हैं और वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है।
फाल्गुन महीने में रोहिणी व्रत के शुभ मुहूर्त और योग का ध्यान रखना जरूरी होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र में व्रत करना अत्यंत फलदायी माना गया है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा के शुभ योग होने से व्रत के प्रभाव और बढ़ जाते हैं। महिलाएं इस दिन विशेष रूप से सवेरे स्नान करके व्रत करती हैं और रोहिणी माता की पूजा करती हैं।
फाल्गुन माह में यह व्रत करने से स्वास्थ्य, संपत्ति और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है। इसके अलावा, महाशिवरात्रि और रोहिणी व्रत दोनों ही धार्मिक गतिविधियों में आस्था और भक्ति को मजबूत करते हैं। यह महीना अपने अंदर आध्यात्मिक ऊर्जा समेटे हुए है और श्रद्धालु इसे बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाते हैं।
शिवरात्रि और रोहिणी व्रत दोनों ही व्रतों में नियम और अनुशासन का पालन करना अनिवार्य है। महाशिवरात्रि के दिन रात्रि जागरण, शिवलिंग की विधिपूर्वक पूजा, बेलपत्र अर्पित करना और मंत्रों का जाप करना जरूरी है। वहीं, रोहिणी व्रत में नहाने, सफाई और माता की पूजा के साथ घर के सभी सदस्यों के लिए सुख-समृद्धि की प्रार्थना करनी चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन माह में किए गए व्रत और पूजा अत्यधिक फलदायक माने जाते हैं। यह महीना न केवल भगवान शिव और माता रोहिणी की कृपा पाने का अवसर देता है, बल्कि आस्था और भक्ति को भी मजबूत करता है। इस महीने का हर दिन विशेष है और इसमें धार्मिक गतिविधियों से घर और परिवार में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
Tagsफाल्गुन माहमहाशिवरात्रिरोहिणी व्रतविशेष महत्वPhalguna monthMahashivratriRohini fastspecial significanceजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





