धर्म-अध्यात्म

Magh Mela 2026: संगम में 3 जनवरी से 15 फरवरी तक होगी आस्था की डुबकी

Harrison
22 Nov 2025 9:39 PM IST
Magh Mela 2026: संगम में 3 जनवरी से 15 फरवरी तक होगी आस्था की डुबकी
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Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म : प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में 2026 का माघ मेला 3 जनवरी से 15 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। यह पवित्र आयोजन 44 दिनों तक चलेगा और त्रिवेणी संगम (गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती) के तट पर लाखों श्रद्धालुओं को आस्था और तप के सफर पर ले जाएगा।
सरकार ने माघ मेले के आयोजन के लिए करीब 42 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया है। प्रशासन पहले से ही सुरक्षा, हाई‑ट्रैफिक मैनेजमेंट, तांत्रिक व्यवस्था और मेले की व्यवस्थाओं पर काम कर रहा है।
पवित्र स्नान की बड़ी तिथियाँ
माघ मेला के दौरान कुल 6 प्रमुख स्नान पर्व होंगे, जिन्हें पवित्र तिथियों के अनुरूप मनाया जाता है:
पौष पूर्णिमा (स्नान आरंभ): 3 जनवरी 2026 – मेला इसी दिन खुलता है।
मकर संक्रांति स्नान: 14 जनवरी 2026 – सूर्य के मकर राशि में प्रवेश को दर्शाता है।
मौनी अमावस्या (मुख्य स्नान): 18 जनवरी 2026 – मौन साधना और दवाब‑मुक्त स्नान की दिन।
वसंत पंचमी स्नान: 23 जनवरी 2026 – ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा के साथ जुड़ा पर्व।
माघी पूर्णिमा: 1 फरवरी 2026 – कल्पवासियों के लिए विशेष स्नान की तिथि।
महाशिवरात्रि (समापन स्नान): 15 फरवरी 2026 – माघ मेला की समाप्ति और शिव पूजा का पवित्र समापन।
प्रशासनिक तैयारियाँ और सुरक्षा
मेला प्राधिकरण ने सात मुख्य सेक्टर तय किए हैं ताकि तीर्थयात्रियों के आवागमन और आवास को सुव्यवस्थित किया जा सके। इसमें पहली बार परेड मैदान को भी एक सेक्टर बनाया गया है।
सुरक्षा के लिए इस बार 20% अधिक पुलिस बल तैनात किया जाएगा, साथ ही गहन मंचों, वॉच टावरों और नदी के किनारे गहराई रुकावटों की व्यवस्था की गई है।
आध्यात्मिक महत्व
माघ मेला हिंदू धर्म में बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यह आत्म‑शुद्धि और मोक्ष की यात्रा का प्रतीक है।
मौनी अमावस्या के दिन लाखों श्रद्धालु मौन व्रत रखते हैं और शांतिपूर्ण भाग लेते हैं।
मेले में कलपवास (कल्पवास) का चलन है — कई लोग एक महीने तक संगम तट पर रहकर तप, ध्यान और सेवा करते हैं।
सुझाव और तैयारी
श्रद्धालुओं को सलाह दी जा रही है कि वे मुख्य स्नान तिथियों के दौरान पहले से व्यवस्था कर लें क्योंकि यह समय बहुत भीड़ भरा होगा।
मेले के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर प्रशासन का विशेष ध्यान रहेगा, इसलिए पैदल यात्रियों को उचित मार्गों का पालन करने की सलाह है।
तीर्थयात्रियों को मेले स्थान पर अस्थायी आश्रय, टेंट और सुविधाओं का पूरा ब्यवस्था किया गया है।
माघ मेला 2026 प्रयागराज में एक भव्य और आध्यात्मिक आयोजन बनने जा रहा है। 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ इसका शुभारंभ होगा और 15 फरवरी को महाशिवरात्रि में यह समापन करेगा। श्रद्धालु इन पवित्र तिथियों पर संगम में डुबकी लगाकर मन, आत्मा और भावनाओं को शुद्ध करने का अवसर पाएंगे।
अगर आप माघ मेले में जाना चाहते हैं, तो इन स्नान तिथियों को ध्यान में रखते हुए यात्रा की योजना बनाना सबसे बेहतर होगा।
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