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धर्म-अध्यात्म

जानें मां दुर्गा के 9 रंगों की पोशाक के बारे में महत्व

Bharti
9 April 2021 4:27 AM GMT
जानें मां दुर्गा के 9 रंगों की पोशाक के बारे में महत्व
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चैत्र नवरात्रि में मां शक्ति की पूजा-अर्चना की जाती है. चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल से शुरू हो रही है. इस पावन पर्व पर मां दुर्गा (Maa Durga) के विभिन्न रूपों की पूजा 9 दिनों तक की जाती है

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | Chaitra Navratri 2021: चैत्र नवरात्रि में मां शक्ति की पूजा-अर्चना की जाती है. चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल से शुरू हो रही है. इस पावन पर्व पर मां दुर्गा (Maa Durga) के विभिन्न रूपों की पूजा 9 दिनों तक की जाती है. नवरात्रि में मां दुर्गा को खुश करने के लिए उनके भक्त पूरे नौ दिनों तक व्रत रखते हैं. आपको बता दें कि मां शक्ति को हर दिन अलग रंग (Colour) की पोशाक पहनाई जाती है और उसमें हर रंग का अलग महत्व होता है. रंग का क्रम हर साल अलग हो सकता है लेकिन रंग वही रहता है. आइए आपको नवरात्रि के 9 दिनों के रंगों और उनके महत्व के बारे में बताते हैं.

ग्रे (Grey)
प्रतिपदा का पहला दिन ग्रे कलर का माना जाता है. यह रंग देवी शैलपुत्री के पूजा का प्रतीक है. यह रंग समझदारी और शांति का प्रतीक है. इसका मतलब बुराई का नाश करना भी होता है नवरात्रि के दूसरे दिन यह रंग इस्तेमाल किया जाता है. देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए यह रंग इस्तेमाल होता है. इसके अलावा यह रंग ऊर्जा और खुशी का प्रतीक है. यह शांति, चमक और ज्ञान का प्रतीक भी है.
सफेद (White)
देवी चन्द्रघंटा की पूजा के लिए सफेद रंग का इस्तेमाल होता है. नवरात्रि के तीसरे मां को यह रंग पहनाया जाता है. सफेद रंग शांति का प्रतीक होता है. यह शांति और पवित्रता का प्रतीक होता है और भलाई के लिए भी जाना जाता है.
लाल (Red)
चतुर्थी के दिन देवी कुष्मांडा की पूजा के लिए लाल रंग का इस्तेमाल किया जाता है. यह ऊर्जा, प्रेम और रचनात्मकता का प्रतीक है. इसके अलावा लाल रंग क्रोध और जुनून के लिए भी जाना जाता है.
रॉयल ब्लू (Royal Blue)
यह रंग पंचमी के दिन स्कन्दमाता की पूजा के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह रंग दैवीय ऊर्जा, बुद्धिमता और श्रेष्ठता का प्रतीक है.
पीला रंग (Yellow)
छठे दिन देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है. इस दिन पीले रंग से हर चीज को सजाना चाहिए जो खुशी, ताजगी, चमक और खुशमिजाजी का प्रतीक है.
हरा रंग (Green)
सप्तमी के दिन कालरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा की जाती है. हरा रंग विकास, सकारात्मकता और नई शुरुआत को दर्शाता है. यह माता की प्रकृति और इसके पौष्टिक गुणों को भी संदर्भित करता है.
पीकॉक ग्रीन (Peacock Green)
अष्टमी के दिन देवी महागौरी की पूजा की जाती है. पीकॉक ग्रीन रंग उन इच्छाओं का प्रतिनिधित्व करता है, जिनके पूरे होने की कामना की जाती है.
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बैंगनी रंग (Purple)
नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. बैंगनी रंग सुंदरता, महत्वाकांक्षा और लक्ष्य का प्रतिनिधित्व करता है. यह अखंडता का भी प्रतीक है


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