धर्म-अध्यात्म

कामिका एकादशी पर बन रहे कई शुभ मुहूर्त जानें पूजा का समय विधि और उपाय

Ratna Netam
8 Aug 2026 6:56 PM IST
कामिका एकादशी पर बन रहे कई शुभ मुहूर्त जानें पूजा का समय विधि और उपाय
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धर्म : हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। साल में आने वाली सभी एकादशियों में श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे कामिका एकादशी के नाम से जाना जाता है। कामिका एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु के साथ भगवान शिव की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। यही वजह है कि सावन की इस एकादशी को हरि और हर की उपासना का अवसर माना जाता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 8 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से शुरू होगी और 9 अगस्त को सुबह 11 बजकर 4 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार कामिका एकादशी का व्रत और पूजन 9 अगस्त को किया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से पापों का नाश होता है और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
कामिका एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने और घर तथा पूजा स्थल की साफ-सफाई करने की परंपरा है। इसके बाद भगवान श्रीहरि विष्णु और भगवान शिव की पूजा की जाती है। भगवान विष्णु को पीले चंदन और पीले पुष्प अर्पित किए जाते हैं, जबकि भगवान शिव को सफेद चंदन और पुष्प अर्पित करने की मान्यता है। पूजा के दौरान दीपक जलाकर एकादशी व्रत का संकल्प लिया जा सकता है।
कामिका एकादशी पर सुबह के शुभ मुहूर्त
दिए गए पंचांग के अनुसार सुबह ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 22 मिनट से 5 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। प्रातः संध्या का समय 4 बजकर 43 मिनट से 5 बजकर 47 मिनट तक बताया गया है। वहीं चर सामान्य मुहूर्त सुबह 7 बजकर 27 मिनट से 9 बजकर 7 मिनट तक और लाभ उन्नति मुहूर्त 9 बजकर 7 मिनट से 10 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। अमृत काल सुबह 6 बजकर 42 मिनट से 8 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। द्विपुष्कर योग सुबह 11 बजकर 4 मिनट से दोपहर 2 बजकर 43 मिनट तक बताया गया है।
दोपहर में ये मुहूर्त रहेंगे शुभ
कामिका एकादशी के दिन अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 40 मिनट से 3 बजकर 33 मिनट तक रहेगा। वहीं शुभ उत्तम मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 6 मिनट से 3 बजकर 46 मिनट तक बताया गया है।
शाम और रात के शुभ मुहूर्त
शाम के समय गोधूलि मुहूर्त 7 बजकर 6 मिनट से 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। सायाह्न संध्या का समय 7 बजकर 6 मिनट से 8 बजकर 10 मिनट तक बताया गया है। इसके अलावा शुभ उत्तम मुहूर्त शाम 7 बजकर 6 मिनट से 8 बजकर 26 मिनट तक और अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त रात 8 बजकर 26 मिनट से 9 बजकर 46 मिनट तक रहेगा।
कामिका एकादशी पर ऐसे करें पूजा
कामिका एकादशी के दिन सबसे पहले स्नान आदि करके पूजा स्थल को साफ करें। इसके बाद भगवान विष्णु और भगवान शिव का पूजन करें। भगवान को पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक करने की परंपरा बताई गई है। भगवान विष्णु को पीला चंदन, पीले पुष्प और तुलसी दल अर्पित किया जाता है। भगवान शिव को सफेद चंदन और पुष्प चढ़ाए जा सकते हैं। पूजा स्थल पर घी का दीपक जलाएं और श्रद्धा के साथ कामिका एकादशी की व्रत कथा का पाठ करें।
इसके बाद भगवान विष्णु और भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें। पूजा के अंत में दोनों देवताओं की आरती करें और क्षमा प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रत रखने वाले श्रद्धालु अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार उपवास कर सकते हैं।
भगवान विष्णु और शिव को लगाएं ये भोग
कामिका एकादशी पर भगवान श्रीहरि विष्णु को गुड़ और चने की दाल, केला या पंचामृत का भोग लगाया जा सकता है। वहीं भगवान शिव को मखाने या मिश्री का भोग लगाने की मान्यता बताई गई है। भगवान विष्णु को भोग अर्पित करते समय तुलसी दल का प्रयोग किया जाता है, जबकि भगवान शिव को तुलसी अर्पित नहीं की जाती।
कामिका एकादशी पर करें ये उपाय
भगवान शिव की कृपा पाने के लिए इस दिन शिव चालीसा का पाठ करने की सलाह दी जाती है। वहीं भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए उनके मंत्र का जाप किया जा सकता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान विष्णु और भगवान शिव का ध्यान कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना कर सकते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कामिका एकादशी का व्रत मन, वचन और कर्म से भगवान की भक्ति करने का अवसर माना जाता है। हालांकि, पूजा के मुहूर्त और व्रत से जुड़े नियम स्थानीय पंचांग और स्थान के अनुसार कुछ अलग हो सकते हैं। इसलिए व्रत और पूजा की सटीक जानकारी के लिए स्थानीय पंचांग या विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा।
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