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धर्म-अध्यात्म
गणेश चतुर्थी पर मूर्ति खरीदने से पहले जान लें ये 5 जरूरी नियम
nidhi
15 Sept 2026 11:09 AM IST

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गणपति की मूर्ति
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी पर घर में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा है। श्रद्धालु गणपति बप्पा को घर लाकर विधि-विधान से पूजा करते हैं और निर्धारित अवधि के बाद विसर्जन करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणेश जी को विघ्नहर्ता और बुद्धि-समृद्धि का देवता माना जाता है। अगर आप भी गणेशोत्सव पर बप्पा की मूर्ति घर लाने वाले हैं तो प्रतिमा खरीदने और स्थापना से पहले कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है।
1. पर्यावरण अनुकूल मूर्ति चुनें
गणपति की प्रतिमा खरीदते समय मिट्टी या प्राकृतिक सामग्री से बनी पर्यावरण अनुकूल मूर्ति को प्राथमिकता देना बेहतर है। प्लास्टर ऑफ पेरिस और कुछ कृत्रिम रंगों वाली प्रतिमाएं विसर्जन के बाद जल स्रोतों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। घर में विसर्जन की योजना है तो छोटी मिट्टी की प्रतिमा सुविधाजनक हो सकती है।
2. मूर्ति का आकार सोच-समझकर चुनें
घर के लिए बहुत बड़ी प्रतिमा लेना जरूरी नहीं है। पूजा स्थल में आसानी से स्थापित हो सके और विसर्जन के समय परेशानी न हो, ऐसा आकार चुनना व्यावहारिक रहता है। मूर्ति खरीदते समय यह भी जांच लें कि वह कहीं से टूटी या क्षतिग्रस्त न हो।
3. सूंड को लेकर क्या है मान्यता
गणपति की सूंड की दिशा को लेकर अलग-अलग धार्मिक परंपराओं में विभिन्न मान्यताएं प्रचलित हैं। सामान्य गृह पूजा के लिए कई परंपराओं में बाईं ओर मुड़ी सूंड वाली गणेश प्रतिमा को सहज माना जाता है। हालांकि इसे कोई सार्वभौमिक या अनिवार्य नियम नहीं समझना चाहिए। परिवार की अपनी पूजा परंपरा को प्राथमिकता दी जा सकती है।
4. साफ स्थान पर करें स्थापना
गणपति स्थापना के लिए घर में साफ-सुथरा और शांत स्थान चुनें। प्रतिमा को मजबूत चौकी या सुरक्षित आधार पर रखें ताकि उसके गिरने का खतरा न हो। चौकी पर साफ वस्त्र बिछाकर अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार कलश, दीपक, फूल और पूजा सामग्री रखी जा सकती है।
5. पूजा और विसर्जन की पहले बनाएं योजना
प्रतिमा घर लाने से पहले तय कर लें कि गणपति कितने दिनों के लिए स्थापित किए जाएंगे। गणेशोत्सव में अलग-अलग परिवार अपनी परंपरा के अनुसार डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या अनंत चतुर्दशी तक गणपति रखते हैं। उसी हिसाब से पूजा और विसर्जन की तैयारी करें।
पूजा के दौरान दीपक और अगरबत्ती को पर्दे या अन्य ज्वलनशील सामान से दूर रखना चाहिए। बच्चों और पालतू जानवरों की मौजूदगी में भी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
गणेश स्थापना से जुड़े नियम अलग-अलग क्षेत्रों और पारिवारिक परंपराओं में भिन्न हो सकते हैं। इसलिए धार्मिक विधि को लेकर संदेह हो तो अपने परिवार की परंपरा या जानकार पुरोहित की सलाह ली जा सकती है। सबसे महत्वपूर्ण है कि गणपति की स्थापना श्रद्धा, स्वच्छता और पर्यावरण का ध्यान रखते हुए की जाए।
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