धर्म-अध्यात्म

घर सजाने से पहले जान लें वास्तु नियम इन चीजों को डबल रखने से बचें

Ratna Netam
8 Sept 2026 2:21 PM IST
घर सजाने से पहले जान लें वास्तु नियम इन चीजों को डबल रखने से बचें
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नई दिल्ली। भारतीय संस्कृति में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि घर में रखी हर वस्तु का सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा पर प्रभाव पड़ता है। वास्तु के अनुसार, घर में चीजों को सही दिशा और सही तरीके से रखने से सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। वहीं कुछ ऐसी चीजें भी बताई गई हैं, जिन्हें घर में गलत तरीके से रखने या जरूरत से ज्यादा रखने से ऊर्जा का संतुलन बिगड़ सकता है।
वास्तु शास्त्र में कई ऐसी वस्तुओं का उल्लेख मिलता है जिन्हें घर में जोड़े के रूप में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, ये मान्यताएं धार्मिक और पारंपरिक विश्वासों पर आधारित हैं। आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार ऐसी कौन-कौन सी चीजें हैं जिन्हें घर में 2-2 रखने से बचना चाहिए।
1. दो गणेश जी की मूर्ति रखने से बचें
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर के पूजा स्थान में भगवान गणेश की एक ही मूर्ति रखना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि एक से अधिक गणेश प्रतिमा रखने से पूजा स्थल की ऊर्जा प्रभावित हो सकती है।
अगर घर में अलग-अलग स्थानों पर गणेश जी की मूर्ति रखी है तो इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पूजा घर में एक ही प्रमुख प्रतिमा हो। गणेश जी को विघ्नहर्ता माना जाता है और उनकी पूजा सुख-समृद्धि के लिए की जाती है।
2. दो शंख रखने से बचने की मान्यता
हिंदू धर्म में शंख को बेहद पवित्र माना जाता है। पूजा-पाठ में शंख का उपयोग शुभ माना जाता है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर के पूजा स्थान में एक से अधिक शंख रखने से बचना चाहिए।
कहा जाता है कि पूजा स्थल में रखी वस्तुओं की संख्या और व्यवस्था का ध्यान रखना जरूरी होता है। शंख को हमेशा साफ-सुथरे स्थान पर रखना चाहिए और नियमित रूप से पूजा करनी चाहिए।
3. दो झाड़ू एक साथ रखने से बचें
वास्तु में झाड़ू को घर की आर्थिक स्थिति से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है और इसे सम्मानपूर्वक रखना चाहिए।
वास्तु के अनुसार, घर में एक साथ दो झाड़ू रखने से बचना चाहिए। झाड़ू को कभी भी खुले स्थान पर या पैरों के नीचे नहीं रखना चाहिए। इसे हमेशा छिपाकर और साफ जगह पर रखना शुभ माना जाता है।
4. दो एक जैसी धार्मिक तस्वीरें लगाने से बचें
घर में देवी-देवताओं की तस्वीरें लगाना शुभ माना जाता है, लेकिन वास्तु के अनुसार पूजा स्थान में एक ही देवी-देवता की कई समान तस्वीरें लगाने से बचना चाहिए।
मान्यता है कि पूजा स्थल में अधिक तस्वीरें रखने से ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो सकती है। इसलिए पूजा घर को साफ, व्यवस्थित और संतुलित रखना जरूरी माना जाता है।
5. दो पानी के बर्तन या मटके रखने से बचें
वास्तु में जल तत्व का विशेष महत्व बताया गया है। घर में पानी रखने की जगह और उसकी व्यवस्था का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।
मान्यता के अनुसार, घर में एक ही स्थान पर जरूरत से ज्यादा पानी के बर्तन या मटके रखने से बचना चाहिए। जल को हमेशा स्वच्छ और व्यवस्थित तरीके से रखना चाहिए।
6. दो तिजोरी या लॉकर रखने से बचें
वास्तु शास्त्र में धन रखने वाली जगह को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि घर में एक मुख्य तिजोरी या लॉकर होना बेहतर माना जाता है।
कहा जाता है कि धन रखने की जगह व्यवस्थित और साफ होनी चाहिए। तिजोरी को सही दिशा में रखने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहने की मान्यता है।
7. दो मुख्य दरवाजों को आमने-सामने रखने से बचें
घर का मुख्य द्वार वास्तु में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि मुख्य दरवाजे से घर में ऊर्जा का प्रवेश होता है।
वास्तु के अनुसार, घर में दो बड़े मुख्य प्रवेश द्वार आमने-सामने होने से बचना चाहिए। इससे घर की ऊर्जा का संतुलन प्रभावित होने की मान्यता है। हालांकि आधुनिक घरों में डिजाइन और जगह के हिसाब से बदलाव किए जाते हैं।
घर में वास्तु संतुलन बनाए रखने के आसान उपाय
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, घर में सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। टूटी हुई वस्तुएं, खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान और बेकार चीजों को लंबे समय तक घर में रखने से बचना चाहिए।
घर में पर्याप्त रोशनी और हवा का प्रवेश होना भी जरूरी माना जाता है। पूजा स्थल को हमेशा साफ रखना चाहिए और घर की वस्तुओं को व्यवस्थित तरीके से रखना चाहिए।
इसके अलावा घर में पौधे लगाना, सकारात्मक विचार रखना और परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम और सहयोग बनाए रखना भी सुखद वातावरण बनाने में मदद करता है।
वास्तु मान्यताओं को समझना जरूरी
वास्तु शास्त्र से जुड़ी बातें सदियों पुरानी परंपराओं और मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका पालन लोग अपनी आस्था और विश्वास के अनुसार करते हैं। वैज्ञानिक रूप से इन सभी बातों की पुष्टि आवश्यक नहीं है, लेकिन कई लोग इन्हें मानसिक शांति और सकारात्मक वातावरण के लिए अपनाते हैं।
घर केवल ईंट-पत्थर से बना स्थान नहीं होता, बल्कि वहां रहने वाले लोगों की भावनाएं और व्यवहार भी उसकी ऊर्जा को प्रभावित करते हैं। इसलिए वास्तु के साथ-साथ घर में प्रेम, सम्मान और सकारात्मक सोच बनाए रखना भी बेहद जरूरी है।
अगर आप वास्तु मान्यताओं का पालन करते हैं तो घर में वस्तुओं की संख्या, उनकी जगह और व्यवस्था का ध्यान रख सकते हैं। इससे घर को सुंदर, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाने में मदद मिल सकती है।
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