धर्म-अध्यात्म

जानिए पीपल के पेड़ पर भूत होने का सच, और क्यों होती है इसमें सभी देवताओं की पूजा

Tara Tandi
2 Feb 2021 7:30 AM GMT
जानिए पीपल के पेड़ पर भूत होने का सच, और क्यों होती है इसमें सभी देवताओं की पूजा
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कहा जाता है कि पीपल के पेड़ पर भूत रहता है, लेकिन उसे किसने देखा ?

जनता से रिश्ता बेवङेस्क | कहा जाता है कि पीपल के पेड़ पर भूत रहता है, लेकिन उसे किसने देखा ? फिर क्यों हम पीपल के नीचे दीपक जलाते हैं और वृक्ष पर जल चढ़ाते हैं ? क्या हम पीपल पर रहने वाले भूत को खुश करने के लिए यह सब करते हैं ? ऐसे बहुत सारे सवाल हैं, जो शायद लोगों के मन में कभी ना कभी उठते हैं. आइए आज आपको बताते हैं पीपल के पेड़ से जुड़ी तमाम भ्रांतियों के बारे में…

ये है पीपल पर भूत होने का सच

प्राचीन काल में जब लकड़ी ईंधन का मुख्य स्रोत थी, तब लोग पेड़ों को काटकर ईंधन की व्यवस्था करते थे. ऐसे में वे किसी भी पेड़ को काट लेते थे. चूंकि पीपल वृक्ष 24 घंटे ऑक्सीजन देता है, इसलिए उसको काटने से बचाने के लिए ये डर फैलाया गया कि पीपल पर भूत रहता है. भूत कह कर डराने का उद्देश्य सिर्फ पीपल को बचाना था.

भगवान कृष्ण को अतिप्रिय है पीपल

यही वजह है कि हिंदू धर्म में तमाम वनस्पतियों को देवताओं से जोड़ा गया है क्योंकि उनमें बहुत अधिक गुण होते हैं. पीपल भी ऐसा ही एक वृक्ष है. वास्तविकता ये है कि पीपल का वृक्ष बहुत ही शुभ है. भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय वृक्ष है पीपल. गीता में श्रीकृष्ण स्वयं कहते हैं कि वृक्षों में मैं पीपल हूं.

वेदों में भी है पीपल का वर्णन

वेदों में भी पीपल को पूजनीय कहा गया है. इसके मूल में ब्रह्मा, मध्य में विष्णु और अग्रभाग में शिव का वास बताया गया है. स्कंद पुराण में कहा गया है कि पीपल के मूल में विष्णु, तनों में केशव, शाखाओं में नारायण, पत्तों में श्रीहरि और फलों में सभी देवताओं के साथ अच्युत भगवान निवास करते हैं. शास्त्रों में इसे एक दैवीय पौधा बताया गया है.

पीपल की पूजा से होती सभी देवताओं की पूजा

वास्तव में जब हम पीपल वृक्ष को जल अर्पित करते हैं या पूजते हैं, तब परोक्ष रूप से इन्हीं देवताओं को पूजते हैं. किसी भूत प्रेत को नहीं. अथर्व वेद में भी लिखा है अश्वत्थ देवो सदन, अश्वत्थ पुजिते यत्र पुजितो सर्व देवता यानी पीपल के पेड़ की पूजा से सर्व देवताओं की भी पूजा हो जाती है.

घर में लगाने की मनाही क्यों

पीपल वृक्ष को घर में न लगाने के लिए कहा जाता है. लेकिन वास्तव में इसका वैज्ञानिक कारण यह है कि इसकी आयु बहुत लम्बी होती है और इसकी जड़ें भी लगातार बढ़ती रहती हैं. साथ ही जमीन में काफी गहराई तक फैलती हैं. यदि घर में पीपल लगाया जाए तो उसकी जड़े धीरे धीरे फैलती रहेंगी और घर की जमीन और दीवारों को फाड़कर बाहर निकल जाएंगी. इससे घर को नुकसान होगा. इसी वजह से पीपल को घर में लगाने से मना किया जाता है. लेकिन सच्चाई तो यह है कि घर में पीपल होने से घर की नकारात्मक ऊर्जा सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है. घर में पीपल लगाना बहुत शुभ है. इसे आप घर में गमले में लगा सकते हैं जिससे इसकी शुभता भी प्राप्त होती रहे और घर की दीवारों को नुक्सान भी न हो.

वास्तुदोष खत्म करता पीपल

पीपल तो दैवीय पौधा है. इसको लगाने से घर का वास्तुदोष समाप्त हो जाता है. घर में सुख शांति आती है. अगर आपके घर छत पर या कहीं किसी दीवार पर पीपल का वृक्ष उग आए तो डरें नहीं, उसे नुकसान पहुंचाए बिना निकाल कर किसी गमले या अन्य स्थान पर रोप दें. पीपल का वृक्ष भगवान विष्णु का जीवंत रूप है जो निरन्तर मनुष्यों का और पितरों का उद्धार करते रहते हैं. पीपल वृक्ष के नीचे किया गया जप, तप, यज्ञ, अनुष्ठान साधनाएं अक्षय फल प्रदान करती हैं.

इसलिए पीपल पर चढ़ाया जाता है जल

ज्योतिष में भी पीपल वृक्ष की बहुत महिमा है. शनि से संबंधित समस्यायों के लिए पीपल वृक्ष लगाने, जल देने आदि उपाय बताए जाते हैं. पीपल में रात को एक विशेष प्रकार की क्रिया करने का गुण होता है जिसके कारण पीपल रात को भी ऑक्सीजन उत्सर्जित करता है जबकि अन्य पेड़ पौधे नहीं. पीपल की जड़ में जितना अधिक जल दिया जाएगा, वो उतना ही ज्यादा ऑक्सीजन उत्सर्जित करेगा. यही वजह है कि पीपल पर जल चढ़ाना शुभ माना जाता है.

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