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धर्म-अध्यात्म
रथयात्रा, चातुर्मास और गुरु पूर्णिमा की सही डेट और मुहूर्त यहाँ जाने
Tara Tandi
28 Jun 2026 3:59 PM IST

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ज्योतिष न्यूज़ : जुलाई 2026 का महीना आस्था और भक्ति की दृष्टि से बेहद खास साबित होने वाला है। इसी दौरान चातुर्मास का प्रारंभ होता है, पुरी में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकलती है, और महीने का समापन गुरु पूर्णिमा जैसे पावन पर्व के साथ होता है। आषाढ़ मास से शुरू होने वाला यह पूरा महीना श्रद्धालुओं के लिए व्रत-उपवास रखने और दान-पुण्य करने का खास मौका लेकर आता है, जिससे उन्हें आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण व्रत और त्योहार पड़ते हैं। आइए जानते हैं जुलाई 2026 में किस तारीख को कौन सा व्रत-त्योहार मनाया जाएगा।
चातुर्मास शुरू होने जा रहा है
आषाढ़ माह की शुरुआत होने वाला और इसी माह में आषाढ़ शुक्र पक्ष को देवशयनी एकादशी मनाई जाएगी। इस एकादशी को हरिशयनी और आषाढ़ी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। देवशयनी एकादशी से देवोत्थान एकादशी तक यानी चार महीनों तक भगवान विष्णु क्षीर सागर में योगनिद्रा में चले जाते हैं।
दो बड़े एकादशी व्रत
पंचांग के अनुसार आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 10 जुलाई की सुबह 8:16 बजे से लग जाएगी और इसका समापन अगले दिन यानी 11 जुलाई की सुबह 5:22 बजे होगा। चूंकि उदया तिथि को ही व्रत के लिए मान्य माना जाता है, इसलिए योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई को रखा जाएगा।
इसके बाद आती है देवशयनी एकादशी, जो 25 जुलाई को मनाई जाएगी और इसी दिन से चातुर्मास का प्रारंभ हो जाएगा। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की यह एकादशी तिथि 24 जुलाई की सुबह 9:12 बजे शुरू होकर 25 जुलाई के दिन 11:34 बजे तक रहेगी।
आषाढ़ गुप्त नवरात्रि का महत्व
आषाढ़ मास में पड़ने वाली गुप्त नवरात्रि के दौरान दस महाविद्याओं की उपासना की जाती है। इस नवरात्रि की खास बात यह है कि इस दौरान किए जाने वाले व्रत और पूजा-अनुष्ठान पूरी तरह गुप्त रूप से संपन्न किए जाते हैं, यही इसका सबसे प्रमुख नियम भी माना जाता है।
श्री जगन्नाथ रथयात्रा, पुरी
ओडिशा के पुरी शहर में हर साल भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा निकाली जाती है, जो आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को आयोजित होती है। इस उत्सव में भगवान जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विशाल रथों पर सवार होकर मंदिर तक की यात्रा करते हैं। इस अवसर पर सजाए जाने वाले रथ अत्यंत भव्य और आकर्षक होते हैं।
गुरु पूर्णिमा
गुरु पूर्णिमा रविवार, 13 जुलाई, 2026 को मनाई जाएगी । यह तिथि हिंदू चंद्र पंचांग के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा (आषाढ़ महीने की पूर्णिमा) के साथ मेल खाती है। यह गुरुओं और शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक शुभ अवसर है।
जुलाई 2026 के व्रत-त्योहार
3 जुलाई — संकष्टी चतुर्थी के दिन गणेश जी के कृष्णपिङ्गल रूप की पूजा होती है
6 जुलाई — कालाष्टमी पर भैरव बाबा की आराधना से डर और नकारात्मकता दूर मानी जाती है
10 जुलाई — योगिनी एकादशी, पाप-नाशक व्रत के तौर पर जानी जाती है
12 जुलाई — प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि एक साथ पड़ने से शिव भक्ति का दोहरा मौका
14 जुलाई — आषाढ़ अमावस्या, ध्यान और पितृ-तर्पण के लिए उपयुक्त दिन
15 जुलाई — गुप्त नवरात्रि की शुरुआत, शक्ति उपासना के लिए विशेष
16 जुलाई — जगन्नाथ रथयात्रा और कर्क संक्रांति एक साथ
17 जुलाई — विनायक चतुर्थी पर गणपति पूजन
22 जुलाई — भड़ली नवमी, बिना मुहूर्त देखे विवाह जैसे काम करने की छूट वाला दिन
25 जुलाई — देवशयनी एकादशी से चातुर्मास का विधिवत आरंभ
26 जुलाई — प्रदोष व्रत पर शिवलिंग का जलाभिषेक
28 जुलाई — कोकिला व्रत, सुहाग की लंबी उम्र की कामना से जुड़ा
29 जुलाई — गुरु पूर्णिमा के साथ महीने का समापन
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