धर्म-अध्यात्म

Diwali में दीपक जलाने की सही दिशा और संख्या, जानिए धार्मिक महत्व

Harrison
16 Oct 2025 8:26 PM IST
Diwali में  दीपक जलाने की सही दिशा और संख्या, जानिए धार्मिक महत्व
x
Religion Spirituality,धर्म अध्यात्म : दिवाली हिंदू धर्म का सबसे प्रमुख और पावन त्योहार है, जिसे रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है। इस दिन घर-घर दीपक जलाकर अंधकार का नाश किया जाता है और मां लक्ष्मी, धन और समृद्धि की देवी की पूजा की जाती है। दीपक जलाना दिवाली की सबसे खास परंपरा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दीपक जलाने की सही दिशा और संख्या का भी विशेष धार्मिक महत्व है? दिवाली 2025 में दीपक जलाने के नियम और मान्यताओं को जानना आपके लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है।
दीपक जलाने की सही दिशा
दिवाली पर दीपक जलाने के लिए खास दिशा का ध्यान रखना जरूरी होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तर दिशा को शुभ माना गया है। खासतौर पर घर के मुख्य द्वार के पास, पूजा घर में और घर के उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में दीपक जलाना शुभ होता है। ऐसा माना जाता है कि ये दिशा मां लक्ष्मी की ओर संकेत करती है, जिससे धन-वैभव और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
इसके अलावा, कुछ धार्मिक ग्रंथों में कहा गया है कि घर के दक्षिण-पश्चिम भाग में दीपक जलाने से बचना चाहिए क्योंकि यह दिशा अशुभ मानी जाती है। वहीं, उत्तर-पूर्व दिशा को ‘ईशान कोण’ कहा जाता है, जो धन, ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक होता है। इसलिए दिवाली पर दीपक हमेशा इस दिशा में जलाना चाहिए।
दीपक जलाने की संख्या
दिवाली पर दीपक जलाने की संख्या का भी विशेष महत्व है। ज्यादातर परिवारों में ऐसा माना जाता है कि 7, 9 या 11 दीपक जलाने से शुभता बढ़ती है। ये संख्याएं वास्तुशास्त्र और ज्योतिष के अनुसार शुभ मानी जाती हैं।
7 दीपक: इसे सप्तर्षि के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, जो ज्ञान और सुरक्षा का संकेत है।
9 दीपक: नवदुर्गा के नौ रूपों का सम्मान करने के लिए इसे शुभ माना जाता है।
11 दीपक: यह पूर्णता और समृद्धि का प्रतीक होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कम से कम एक दीपक घर के प्रत्येक मुख्य कमरे में जलाना चाहिए। अगर संभव हो तो पूरे घर को दीपकों से सजाना चाहिए ताकि पूरी जगह प्रकाश से भर जाए।
दीपक जलाने का धार्मिक महत्व
दीपक जलाना केवल घर की सजावट नहीं है, बल्कि इसका गहरा आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व भी है। दीपक अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है। इसे मां लक्ष्मी की कृपा पाने का साधन माना जाता है।
दिवाली पर दीपक जलाकर हम अपने मन, घर और परिवार को पवित्र करते हैं और सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं। यह शुभता और समृद्धि का प्रतीक होता है। साथ ही, दीपक जलाने से बुराई और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है।
माना जाता है कि दीपक की लौ स्थिर और साफ होनी चाहिए, क्योंकि यह ऊर्जा और ध्यान का संकेत है। अगर दीपक की लौ कम या ज्यादा झूम रही हो, तो यह अशांति और नकारात्मकता का संकेत माना जाता है।
दिवाली पर दीपक जलाने के अन्य उपाय
मां लक्ष्मी के फोटो या मूर्ति के सामने दीपक जलाएं। इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।
दीपक जलाते समय ध्यान लगाएं और मन में सकारात्मक विचार रखें।
घरेलू पूजा स्थल या मंदिर में विशेष रूप से दीपक जलाना शुभ माना जाता है।
घरों के बाहर मुख्य द्वार पर भी दीपक जरूर जलाएं, क्योंकि इससे घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
दिवाली 2025 पर दीपक जलाने की सही दिशा और संख्या का पालन कर आप न केवल धार्मिक परंपराओं का सम्मान कर सकते हैं, बल्कि अपने घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली भी ला सकते हैं। सही दिशा में जलाए गए दीपक से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और पूरे परिवार में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है। इस दिवाली, दीपक जलाने की इन परंपराओं को अपनाकर आप त्योहार का असली आनंद ले सकते हैं।
Next Story