धर्म-अध्यात्म

जानिए बाथरूम से जुड़े वास्तु के कुछ खास टिप्स

Tara Tandi
21 March 2022 3:36 AM GMT
जानिए बाथरूम से जुड़े वास्तु के कुछ खास टिप्स
x
घर खरीदते या बनाते समय यह बात सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि घर के अन्य कमरों के साथ-साथ बाथरूम भी वास्तु के अनुरूप हो।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क। घर खरीदते या बनाते समय यह बात सुनिश्चित करना बहुत जरूरी है कि घर के अन्य कमरों के साथ-साथ बाथरूम भी वास्तु के अनुरूप हो। बाथरूम वह स्थान हैं जहां व्यक्ति साफ सुथरा होने जाता है और इसलिए, बाथरूम नकारात्मक ऊर्जा का भंडार बन सकता है। बहुत से लोग जानते हैं कि एक साफ और स्वच्छ बाथरूम होना कितना महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे साथ यह जानना भी आवश्यक है कि घर में बाथरूम को लेकर वास्तु नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। वास्तुशास्त्र के अनुसार घर के अंदर का हर स्थान सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह किया जा सकता है। बस जरूरत है थोड़ा ध्यान देने की। बाथरूम और शौचालय नकारत्मका पैदा करते हैं। इन स्थानों के प्रभावों से घर में आर्थिक तंगी पैदा हो सकती है। साथ ही स्वास्थ्य भी खराब रह सकता है। आइए जानते हैं बाथरूम से जुड़े वास्तु के कुछ खास टिप्स

हमेशा सुनिश्चित करें कि बाथरूम घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित हो। बहुत से लोगों के बाथरूम दक्षिण-पश्चिम दिशा में होते हैं और इससे निवासियों को कई दुष्प्रभाव होते हैं। इस प्रभाव को समाप्त करने के लिए, आपको दक्षिण-पश्चिम की दीवार के बाहरी भाग पर एक वास्तु पिरामिड रखना चाहिए।
बाथरूम के दरवाजे लकड़ी के होने चाहिए। बाथरूम में लोहे या स्टील के दरवाजे न बनाएं क्योंकि यह नकारात्मकता को बढ़ावा देता है। ऐसा कहा जाता है कि इससे स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
बाथरूम के लिए सबसे उपयुक्त रंग भूरे, बेज, क्रीम और अन्य मिट्टी के रंग हैं। वास्तु के अनुसार प्रतिकूल रंग काला और नीला है।
बाथरूम के अंदर वेंटिलेशन महत्वपूर्ण है। इग्जॉस्ट फैन पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए क्योंकि यह ताजी हवा और धूप के प्रवाह को दर्शाता है।
वास्तु के अनुसार, वॉशबेसिन और शॉवर पूर्व, उत्तर या उत्तर पूर्व दिशा में होना चाहिए। साथ ही बाथरूम में ड्रेनेज और पानी के निकास की दिशा एक ही होनी चाहिए।
बाथरूम में शीशा लगाना आम बात है। वास्तु के अनुसार उत्तर या पूर्व दिशा शीशा लगाने के लिए सबसे आदर्श होती है। वॉशबेसिन लगाने के लिए भी यही दिशा सही है।
अगर आप कमरे से अटैच्ड बाथरूम चाहते हैं तो इसे हमेशा अपने बेडरूम के पश्चिम या उत्तर में बनवाएं। यह भी याद रखें कि बिस्तर सीधे बाथरूम की ओर नहीं होना चाहिए।
घर के अंदर नकारात्मक ऊर्जा को फैलने से रोकने के लिए अपने बाथरूम के दरवाजे हर समय बंद रखें।
नमक का एक बाउल बाथरूम के अंदर कहीं रखें। यह सभी नकारात्मक ऊर्जा को अवशोषित करने में अत्यधिक प्रभावी है।
Next Story