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धर्म-अध्यात्म

जानें कैसे होते हैं जून महीने में पैदा होने वाले लोग

Ritu Yadav
10 Jun 2021 7:44 AM GMT
जानें कैसे होते हैं जून महीने में पैदा होने वाले लोग
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हर व्यक्ति की कम से कम तीन राशियां होती हैं.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | हर व्यक्ति की कम से कम तीन राशियां होती हैं. एक चंद्र राशि जिसे मून साइन कहा जाता है. चंद्र राशि जन्म के समय नक्षत्र आदि को देखकर निकाली जाती है. दूसरी सूर्य राशि यानी सन साइन, जो महीने और तारीख के हिसाब से निर्धारित होती है और तीसरी व्यक्ति की नाम राशि, जो उसके नाम के पहले अक्षर के हिसाब से होती है.

सभी राशियों का व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव जरूर होता है. आज हम यहां बात करेंगे जून के महीने में जन्मे लोगों की. जून के महीने में जन्मे लोगों की सन साइन मिथुन या कर्क राशि होती है. ज्योतिषीय मान्यता है कि जून में जन्मे लोग अधिकतर डॉक्टर, टीचर, अधिकारी या मैनेजर वगैरह बनते हैं, क्योंकि इन लोगों की आदत हुक्म चलाने की होती है. आइए जानते हैं जून में पैदा हुए लोगों के स्वभाव से जुड़ी दिलचस्प बातें.

जिद्दी स्वभाव वाले होते हैं
जून में जन्मे लोग ज्यादातर जिद्दी स्वभाव वाले होते हैं और ये लोग एक बार कोई बात ठान लें, तो चाहे कुछ भी करना पड़े, लेकिन बात मनवाकर ही दम लेते हैं. इन लोगों का गुस्सा तेज होता है. हालांकि ये लोग दिल के साफ होते हैं और प्यार से समझाने पर बात समझ भी जाते हैं. ये लोग स्व​तंत्र विचारों वाले होते हैं, इन्हें दकियानूसी पसंद नहीं होती. इसके अलावा ये लोग स्पष्टवादी भी होते हैं इसलिए तमाम लोग इन्हें गलत समझ लेते हैं.
बहस करने में आगे
वैसे तो जून में जन्मे लोग दयालु होते हैं, लेकिन इन्हें लगता है कि जैसा ये सोचते हैं, वो ही सही है. इस वजह से ये बहस करने में बिल्कुल नहीं हिचकते. ये लोग लंबे समय तक बहस कर सकते हैं, चाहे इन्हें बात ठीक से पता भी न हो. ये लोग अगर चाहें तो वकील या पत्रकार भी बन सकते हैं क्योंकि निर्भीकता और निडरता इनके स्वभाव की पहचान है.
कला प्रेमी होते हैं
ये लोग कला प्रेमी होते हैं. इन्हें गाना, नृत्य, स्केचिंग, पेंटिंग आदि अन्य कलाओं में काफी दिलचस्पी होती है. ये लोग बातचीत करने में काफी स्मार्ट होते हैं और अपनी बातों से जल्दी ही लोगों को आकर्षित कर लेते हैं. इनके अंदर ये खासियत होती है, कि ये किसी भी बात को बहुत लंबे समय तक दिल में नहीं रखते. किसी के साथ अगर दुश्मनी भी हो जाए तो भी एक समय के बाद ये उसे माफ कर देते हैं. इनकी कोशिश यही रहती है कि ये दूसरों को भी संतुष्ट रख पाएं.
(यहां दी गई जानकारियां लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)


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