धर्म-अध्यात्म

जानिए कैसे मिला था भीम को दस हजार हाथियों का बल, पढ़ें ये कथा

Triveni
6 Dec 2020 5:39 AM GMT
जानिए कैसे मिला था भीम को दस हजार हाथियों का बल,  पढ़ें ये कथा
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पाण्डु पुत्र भीम में दस हजार हाथियों का बल था। इस बल के चलते ही एक बार भीम ने नर्मदा नदी का प्रवाह रोक दिया था।

जनता से रिश्ता वेबडेस्क| पाण्डु पुत्र भीम में दस हजार हाथियों का बल था। इस बल के चलते ही एक बार भीम ने नर्मदा नदी का प्रवाह रोक दिया था। लेकिन भीम में इतना बल कैसे आया इसके पीछे की कहानी शायद ही हर किसी को पता हो। यहां हम आपको इसी कथा के बारे में बता रहे हैं।

पौराणिक कथाओं के अनुसार, कौरवों का जन्म हस्तिनापुर में तो पांडवों का जन्म वन में हुआ था। फिर पांडवों के पिता पाण्डु की मृत्यु के बाद वहां रहने वाले वन में रहने वाले साधुओं ने विचार किया कि पाण्डु के पुत्रों, अस्थि तथा पत्नी को हस्तिनापुर भेज देना चाहिए। सभी ऋषि मिलकर हस्तिनापुर आए। उन्होंने पाण्डु पुत्रों के जन्म और पाण्डु की मृत्यु के बारे में भीष्म, धृतराष्ट्र आदि को बताया। भीष्म ने यह बात सुन कुंती समेत पांचो पांण्डवों को हस्तिनापुर बुला लिया।

हस्तिनापुर आने के बाद पाण्डवों का वैदिक संस्कार हुआ और दोनों ही साथ-साथ बड़े होने लगे। पाण्डव दौडने में, निशाना लगाने तथा कुश्ती जैसे लगभग खेलों में भीम और उसके सभी भाईयों को हरा देते थए। आदि सभी खेलों में भीम सभी धृतराष्ट्र पुत्रों को हरा देते थे। इसके चलते ही दुर्योधन के मन में भीम के लिए दुर्भावना थी। एक बार दुर्योधन ने भीम को मारने का विचार किया। उन्हें मारने के लिए दुर्योधन उन्हें गंगा तट के शिविर पर ले गया। इस तट का नाम उदकक्रीडन रखा गया। यहां पर खाने-पीने की सुविधाएं भी थीं। फिर दुर्योधन ने भीम के खाने में मौका देखकर विष मिला दिया। विष के चलते भीम बेहोश हो गए। फिर दुर्योधन ने दु:शासन के साथ मिलकर भीम को गंगा में फेक दिया। ऐसा करने से भीम नागलोक पहुंच गए।
यहां सांपों ने भीम को बहुत बार डस लिया। इसके प्रभाव से भीम के शरीर में विष का प्रभाव कम हो गया। फिर जब भीम को होश आया तो वो सर्रो को मारने लगे। सभी सर्प नागराज वासुकि के पास पहुंचे। उन्होंने सभी बात बताई। फिर वासुकि नाम भीम के पास गए। उनके साथ मौजूद आर्यक नाग ने भीम पहचान लिया। आर्यक नाग भीम के नाना का नाना था। आर्यक नाग भीम से बेहद ही प्रेम से मिले। फिर आर्यक ने वासुकि से कहा जिन कुण्डों में हजार हाथियों का बल है भीम को उनका रस पीने की आज्ञा दी जाए। यह सुन वासुकि नाग ने स्वीकृति प्रदान कर दी। भीम ने 8 कुण्ड पीए और एक दिव्य शय्या पर जाकर सो गए।



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