धर्म-अध्यात्म

Kharmas 2025: शुभ कार्यों पर रोक, जानें कब से शुरू होगा

Harrison
29 Nov 2025 9:42 PM IST
Kharmas 2025: शुभ कार्यों पर रोक, जानें कब से शुरू होगा
x

Religion Spirituality,धर्म अध्यात्म : हिंदू पंचांग के अनुसार, खरमास का समय प्रत्येक वर्ष कुछ सप्ताह के लिए आता है, जिसे अशुभ अवधि माना जाता है। इस दौरान मांगलिक और शुभ कार्यों को टालने की परंपरा है। वर्ष 2025 में खरमास की अवधि जल्द ही शुरू होने वाली है। जानकारों के अनुसार, इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, शुभ मुहूर्त वाले कार्यक्रम और मांगलिक कार्य स्थगित कर दिए जाते हैं।

खरमास कब शुरू होगा
पंचांग के अनुसार, खरमास 2025 इस साल [सटीक तिथि डालें] से शुरू होकर [अंतिम तिथि डालें] तक रहेगा। यह अवधि आमतौर पर आधे महीने से लेकर पूरे महीने तक हो सकती है, और यह समय विशेष रूप से अशुभ माना जाता है। इस दौरान देवघर में पूजा और धार्मिक अनुष्ठान सामान्य रूप से किए जाते हैं, लेकिन मांगलिक कार्यों को टालना शुभ माना जाता है।
खरमास के दौरान क्या करना शुभ है
खरमास में धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है। इस समय भक्तजन निम्न कार्य कर सकते हैं:
मंदिरों में पूजा-अर्चना करना
दान और सेवा कार्य में हिस्सा लेना
व्रत और जप करना
धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय किसी भी प्रकार के मांगलिक या शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, नई व्यवसाय की शुरुआत या किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।
क्यों माना जाता है खरमास अशुभ
खरमास का संबंध विशेष रूप से ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति से जोड़ा जाता है। इस अवधि में वरुण, चंद्रमा और अन्य ग्रहों की चाल ऐसी मानी जाती है कि मांगलिक कार्यों के लिए यह समय अनुकूल नहीं है। पुराने शास्त्रों में उल्लेख है कि इस दौरान शुभ कार्य करने से आर्थिक, पारिवारिक और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां आ सकती हैं।
खरमास के दौरान विशेष सावधानियां
शादी और सगाई: खरमास में शादी और सगाई टालना शुभ माना जाता है।
गृह प्रवेश: नए घर में प्रवेश करने या भूमि खरीदने का समय नहीं है।
व्यापार और निवेश: नए व्यवसाय की शुरुआत या बड़े निवेश से बचें।
यात्रा: लंबी यात्रा से बचना बेहतर होता है, खासकर धार्मिक यात्रा।
इसके अलावा, इस समय धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों को बढ़ावा देना चाहिए, जिससे ग्रहों की अशुभता का प्रभाव कम हो सके।
कब से फिर शुरू होंगे मांगलिक कार्य
खरमास के समाप्त होने के बाद ही सभी मांगलिक और शुभ कार्य किए जा सकते हैं। पंचांग के अनुसार, खरमास समाप्त होने के अगले दिन से विवाह, गृह प्रवेश, नए व्यवसाय और अन्य शुभ कार्यों की योजना बनाना सुरक्षित और शुभ माना जाता है।
खरमास 2025 की अवधि में मांगलिक कार्यों पर रोक है, लेकिन धार्मिक, आध्यात्मिक और सेवा कार्य करना अत्यंत शुभ है। इस समय का सही तरीके से पालन करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और ग्रहों का अशुभ प्रभाव कम होता है।
हिंदू धर्म में यह परंपरा सदियों से चली आ रही है, और इसे समय का सम्मान और धार्मिक अनुशासन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इसीलिए हर व्यक्ति को पंचांग देखकर अपनी योजनाओं को समयानुसार बनाना चाहिए और शुभ कार्यों को इस अवधि के बाद ही संपन्न करना चाहिए।
Next Story