धर्म-अध्यात्म

सूर्य देव को अर्घ्य देते समय रखें इन बातों का ध्यान

Subhi
11 Oct 2022 7:50 AM IST
सूर्य देव को अर्घ्य देते समय रखें इन बातों का ध्यान
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हिंदू धर्म में सूर्य देव को जल अर्घ्य देने का खास महत्व बताया गया है. कहते हैं कि नियमित रूप से स्नान के बाद सूर्य देव को पूर्ण अर्घ्य देने से वे प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं. व्यक्ति का दुर्भाग्य दूर होता है और सूर्य के तेज की तरह चमकने लगता है. लेकिन शास्त्रों में सूर्य देव को अर्घ्य देने के कुछ नियमों के बारे में बताया गया है. अगर इन नियमों का ध्यान न रखा जाए, तो सूर्य देव रुष्ट हो जाते हैं.

ज्यादातर लोग सुबह उठकर स्नान आदि के बाद सूर्य देव को जल तो अर्पित करते हैं. लेकिन कई बार उनकी छोटी सी नासमझी के कारण उन्हें पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता. कहते हैं कि सूर्य देव को जल अर्पित करने से कई लाभ की प्राप्ति होती है. लेकिन ये लाभ तभी प्राप्त होता है, जब सूर्य देव को सही से जल अर्पित किया जाए.

सूर्य देव को अर्घ्य देते समय रखें इन बातों का ध्यान

- शास्त्रों में कहा गया है कि सूर्यदेव को जल अर्पित करते समय हमेशा तांबे के लोटे का इस्तेमाल किया जाता है. कहा जाता है कि तांबा सूर्य की धातु हैं.

सूर्य देव को अगर सुबह के समय अर्घ्य अर्पित कर रहे हैं, तो उसमें अक्षत, रोली, फूल आदि जल में शामिल करें. पूर्ण अर्घ्य देने पर ही सूर्य देव की कृपा प्राप्त होती है.

बता दें कि अगर सूर्य देव को जल अर्पित कर रहे हैं, तो जल चढ़ाते समय गायत्री मंत्र का जाप करते रहें.

मान्यता है कि सूर्य देव को जल अर्पित करते समय जो पानी की धारा निकलती है उसमें से सूर्य की किरणों को देखने से आंखों की रोशनी तेज होती है.

सूर्य देव को जल अर्पित करने के बाद जमीन पर गिरे जल को मस्तक पर लगाएं. ऐसा करने से सूर्य देव आपकी सभी मनोकामनाएं पूरा करेंगे.

सूर्य देव को आत्मा का कारक माना गया है.

सूर्य देव की सच्चे मन से पूजा अर्चना करने से व्यक्ति को मान-सम्मान की प्राप्ति होती है.

कहा जाता है कि जिन जातकों की कुंडली में सूर्य कमजोर होता है, उनके सभी सरकारी काम अक्सर अटक जाते हैं. व्यापार में घाटा होता है और ऑफिस में दूसरे लोगों के साथ अनबन बनी रहती है.

नियमित रूप से सूर्य देव को अर्घ्य देने से व्यक्ति की कुंडली में सूर्य देव मजबूत होते हैं.

कहते हैं कि सूर्य देव की पूजा करने से शत्रुओं और रोगों का नाश होता है. साथ ही भय से मुक्ति मिलती है.


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