धर्म-अध्यात्म

Karni Mata Temple अद्भुत रहस्यों से भरा चूहों का अनोखा धाम

Tara Tandi
28 April 2025 12:43 PM IST
Karni Mata Temple अद्भुत रहस्यों से भरा चूहों का अनोखा धाम
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Karni Mata Temple ज्योतिष न्यूज़ : आमतौर पर लोग मंदिरों में दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। हर मंदिर से जुड़ी कुछ मान्यताएं और कुछ रीति-रिवाज होते हैं, जिनका भक्त बखूबी पालन करते हैं और भगवान की पूजा करते हैं। लेकिन अगर आपसे कहा जाए कि एक ऐसा मंदिर भी है, जहां मंदिर में 20,000 चूहे मौजूद हैं, तो यह थोड़ा अजीब लगेगा। जी हां, हम बात कर रहे हैं राजस्थान के बीकानेर से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित करणी माता मंदिर की, जहां करणी माता की मूर्ति के साथ-साथ हजारों चूहे भी मौजूद हैं और भक्त उनकी भी पूजा करते हैं। आइए जानते हैं इस मंदिर से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में।
क्या है मंदिर का इतिहास
करणी माता मंदिर राजस्थान के बीकानेर जिले में स्थित एक प्रसिद्ध हिंदू मंदिर है। इसमें देवी करणी माता की मूर्ति स्थापित है। यह बीकानेर से 30 किलोमीटर दक्षिण में देशनोक में स्थित है। करणी माता का जन्म चारण वंश में हुआ था, इस मंदिर को चूहों का मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर मुख्य रूप से सफेद चूहों के लिए प्रसिद्ध है। इस पवित्र मंदिर में करीब 20,000 सफेद चूहे हैं। इस मंदिर का निर्माण 20वीं शताब्दी में बीकानेर के राजा गंगा सिंह ने करवाया था। यह मंदिर काफी बड़ा और सुंदर है। चूहों के अलावा यहां चांदी के बड़े-बड़े दरवाजे, देवी के सुनहरे छत्र और संगमरमर पर सुंदर नक्काशी की गई है। इस मंदिर में चूहों की इतनी अधिकता है कि लोगों को जमीन पर चलने के बजाय पैरों को घसीटते हुए करणी माता की मूर्ति तक पहुंचना पड़ता है।
चूहे करणी माता की संतान हैं
ऐसा माना जाता है कि ये चूहे करणी माता की संतान हैं। इसकी पौराणिक कथा के अनुसार एक बार करणी माता के सौतेले बेटे लक्ष्मण झील में पानी पी रहे थे, तभी उनकी डूबने से मौत हो गई। जब करणी माता को इस बारे में पता चला तो उन्होंने यमराज से उन्हें पुनर्जीवित करने की प्रार्थना की। उनकी प्रार्थना से विवश होकर यमराज ने उन्हें चूहे के रूप में पुनर्जीवित कर दिया। तब से इस मंदिर में चूहों की पूजा की जाती है और उन्हें करणी माता की संतान माना जाता है। मंदिर में 20,000 काले चूहों के बीच कुछ सफेद चूहे भी हैं। मान्यता है कि जो भी व्यक्ति सफेद चूहे को देख लेता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
चूहे मर जाएं तो लगता है पाप
मंदिर के नियमों के अनुसार, अगर कोई भक्त किसी चूहे पर पैर रख दे और वह मर जाए तो इसे घोर पाप माना जाता है। मंदिर में आने वाले भक्तों को खुद को घसीटते हुए चलना पड़ता है, तभी वे करणी माता की मूर्ति तक पहुंच पाते हैं। चूहों की मौत के पाप के प्रायश्चित के तौर पर अपराधी को सोने या चांदी की चूहे की मूर्ति खरीदकर मंदिर में ही रखनी होती है, तभी वह पाप से मुक्त माना जाता है।
चूहे छोड़ जाते हैं प्रसाद
इस मंदिर में मान्यता है कि यहां प्रसाद के तौर पर जो भी बांटा जाता है, वह चूहे छोड़ देते हैं। सिर्फ वही प्रसाद पवित्र माना जाता है जिसे पहले चूहे खा चुके हों।
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