धर्म-अध्यात्म

बाबुलनाथ मंदिर पहुंचे कांवड़िए भक्ति और उत्साह के साथ पूरी हुई शिव यात्रा

nidhi
23 Aug 2026 1:58 PM IST
बाबुलनाथ मंदिर पहुंचे कांवड़िए भक्ति और उत्साह के साथ पूरी हुई शिव यात्रा
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मुंबई में सावन के पावन महीने के दौरान शिव भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। एंटॉप हिल से बाबुलनाथ मंदिर तक निकाली गई कांवर यात्रा में बड़ी संख्या में शिव भक्त शामिल हुए। पैदल यात्रा के दौरान पूरा रास्ता 'हर हर महादेव' और 'बोल बम' के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु हाथों में कांवर, भगवा ध्वज और भगवान शिव के प्रतीक लेकर भक्ति में लीन नजर आए।
कांवर यात्रा में शामिल भक्तों ने भगवान भोलेनाथ के प्रति अपनी श्रद्धा और आस्था प्रकट की। कई श्रद्धालु नंगे पैर चलते हुए मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
एंटॉप हिल से शुरू हुई शिव भक्तों की यात्रा
सुबह से ही एंटॉप हिल क्षेत्र में भक्तों का जुटना शुरू हो गया था। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के बाद यात्रा की शुरुआत की। पूरे मार्ग में शिव भजनों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
यात्रा में युवाओं के साथ महिलाएं और बुजुर्ग श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने उत्साह और श्रद्धा के साथ बाबुलनाथ मंदिर की ओर कदम बढ़ाए।
बाबुलनाथ मंदिर में किया जलाभिषेक
मुंबई के प्रसिद्ध बाबुलनाथ मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। भक्तों ने बेलपत्र, फूल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया।
मान्यता है कि सावन महीने में भगवान शिव की पूजा और अभिषेक करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इसी विश्वास के साथ देशभर में शिव भक्त कांवर यात्राओं का आयोजन करते हैं।
सावन में कांवर यात्रा का विशेष महत्व
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु कांवर यात्रा निकालकर शिव मंदिरों में जल चढ़ाते हैं। यह यात्रा श्रद्धा, संयम और भक्ति का प्रतीक मानी जाती है।
मुंबई की इस कांवर यात्रा ने महानगर में धार्मिक उत्साह और आध्यात्मिक माहौल को और मजबूत कर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था रही मजबूत
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम किए गए। यात्रा मार्ग पर निगरानी रखी गई और भक्तों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
शिव भक्तों की इस यात्रा ने एक बार फिर दिखाया कि आस्था और भक्ति लोगों को एक साथ जोड़ने की बड़ी शक्ति रखती है।
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