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धर्म-अध्यात्म
सुहागिनों का खास पर्व कजरी तीज नीम के पेड़ की पूजा से मिलती है शुभ कृपा
nidhi
19 Aug 2026 12:27 PM IST

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कजरी तीज का खास उपाय नीम के पेड़ की पूजा से जुड़ी है ये मान्यता
नई दिल्ली: हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए कई व्रत और त्योहारों का विशेष महत्व है। इन्हीं में से एक है कजरी तीज। यह पर्व पति की लंबी उम्र, सुखी वैवाहिक जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन महिलाएं व्रत रखकर भगवान शिव, माता पार्वती और देवी मां की पूजा करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कजरी तीज पर नीम के पेड़ की पूजा करना भी शुभ माना जाता है।
कजरी तीज को कई स्थानों पर सातुड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं, हाथों में मेहंदी लगाती हैं और पूजा-पाठ कर परिवार की समृद्धि की कामना करती हैं।
कजरी तीज का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कजरी तीज का संबंध माता पार्वती और भगवान शिव से जुड़ा हुआ है। माना जाता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी भक्ति और समर्पण से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया।
इसी कारण महिलाएं इस दिन माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य और वैवाहिक सुख की कामना करती हैं।
नीम के पेड़ की पूजा क्यों की जाती है?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, नीम के पेड़ में देवी शक्ति का वास माना जाता है। कजरी तीज पर नीम की पूजा करने से देवी मां प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-शांति आती है।
नीम को भारतीय संस्कृति में पवित्र वृक्ष माना गया है। इसके औषधीय गुणों के कारण भी इसका विशेष महत्व है। पूजा के दौरान महिलाएं नीम के पेड़ पर जल अर्पित करती हैं और दीपक जलाकर परिवार की खुशहाली की प्रार्थना करती हैं।
नीम पूजा की विधि
कजरी तीज के दिन नीम के पेड़ की पूजा करने के लिए कुछ आसान विधियां अपनाई जाती हैं:
सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
नीम के पेड़ के पास जाकर जल अर्पित करें।
पेड़ पर रोली, अक्षत और फूल चढ़ाएं।
दीपक जलाकर देवी मां का स्मरण करें।
पति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें।
व्रत में रखें इन बातों का ध्यान
कजरी तीज का व्रत श्रद्धा और नियमों के साथ रखा जाता है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की कथा सुनती हैं और पूजा करती हैं। मान्यता है कि पूजा के दौरान मन को शांत रखना और सकारात्मक विचार रखना बेहद जरूरी होता है।
कजरी तीज पर सुहागिनों का श्रृंगार
इस पर्व पर महिलाएं विशेष रूप से सोलह श्रृंगार करती हैं। इसमें सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, मेहंदी और अन्य सुहाग की वस्तुओं का महत्व बताया गया है।
माना जाता है कि सुहाग की वस्तुएं माता पार्वती को प्रिय हैं और इनके प्रयोग से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश
कजरी तीज पर नीम की पूजा केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। नीम का पेड़ स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बेहद उपयोगी है। इस तरह यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश भी देता है।
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