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Kabir Das's के दोहे जो सिखाते हैं happy life का रास्ता

Ratna Netam
28 Jun 2026 3:29 PM IST
Kabir Dass  के दोहे जो सिखाते हैं  happy life  का रास्ता
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सम्मान के साथ मनाई जाएगी।

Religion धर्म : 29 जून 2026 को देशभर में संत कबीर दास जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाएगी। कबीर दास का जन्म ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुआ था, इसी कारण हर वर्ष इसी तिथि पर उनकी जयंती मनाई जाती है। भक्तिकाल के महान संत-कवि कबीर दास ने अपने जीवन और वाणी से समाज में फैली कुरीतियों, अंधविश्वास और धार्मिक कट्टरता के खिलाफ आवाज उठाई थी।

इतिहास के अनुसार, कबीर दास का जन्म वर्ष 1398 में वाराणसी में हुआ था और उन्होंने 1518 में मगहर में देह त्याग किया। उन्होंने हिंदू और मुस्लिम दोनों परंपराओं से ज्ञान प्राप्त किया, लेकिन किसी भी एक धार्मिक बंधन को स्वीकार नहीं किया। उनका संदेश था कि ईश्वर सर्वव्यापी है और उसे पाने के लिए जाति-पाति या मंदिर-मस्जिद के भेदभाव की आवश्यकता नहीं है।

कबीर दास ने सरल और स्पष्ट भाषा में अपने दोहों के माध्यम से गहरे जीवन सत्य को समझाया। उनके अनुसार सच्चा जीवन सत्य, धैर्य और संतोष पर आधारित होता है। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में भी उनके विचार लोगों को रुककर सोचने पर मजबूर करते हैं।

उनका एक प्रसिद्ध दोहा “कुटिल वचन सबते बुरा…” यह सिखाता है कि बुरे शब्द व्यक्ति को भीतर से नुकसान पहुंचाते हैं, जबकि अच्छे वचन जीवन को सकारात्मक बनाते हैं। इसी तरह “जिन खोजा तिन पाइयां…” यह संदेश देता है कि सच्ची सफलता उन्हीं को मिलती है जो प्रयास करते हैं और गहराई से खोज करते हैं।

कबीर ने गुरु के महत्व पर भी विशेष जोर दिया। उनके अनुसार गुरु जीवन का मार्गदर्शक होता है और सही दिशा दिखाता है। उन्होंने यह भी सिखाया कि जीवन में धैर्य जरूरी है, क्योंकि हर कार्य अपने समय पर ही पूरा होता है, जैसे “धीरे-धीरे सब कुछ होय…” दोहे में बताया गया है।

इसके अलावा उन्होंने साधु स्वभाव, सीमित इच्छाओं और विनम्रता को जीवन का आधार बताया। उनके दोहे समाज को समानता, प्रेम और मानवता का संदेश देते हैं। कबीर दास ने कहा कि किसी भी इंसान या वस्तु को छोटा नहीं समझना चाहिए, क्योंकि समय आने पर वही बड़ा प्रभाव डाल सकता है।

आज के समय में जब समाज में तनाव, भेदभाव और भागदौड़ बढ़ रही है, कबीर दास के विचार और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। उनकी वाणी आज भी लोगों को सादगी, सत्य और मानवता की ओर प्रेरित करती है।कबीर दास जयंती पर देशभर में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम, प्रवचन और सांस्कृतिक आयोजन किए जाएंगे। संत कबीर की शिक्षाएं आज भी लोगों के जीवन को सही दिशा देने का काम करती हैं।

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