धर्म-अध्यात्म

कुंडली में मौजूद कालसर्प दोष जिंदगी में मचा देता है कोहराम, नाग पंचमी में करे ये उपाय

Subhi
27 July 2022 5:02 AM GMT
कुंडली में मौजूद कालसर्प दोष जिंदगी में मचा देता है कोहराम, नाग पंचमी में करे ये उपाय
x
श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार 2 अगस्त को इस पर्व को मनाया जाएगा। नाग पंचमी के दिन नाग देवता की विधिवत पूजा करने का विधान है।

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार 2 अगस्त को इस पर्व को मनाया जाएगा। नाग पंचमी के दिन नाग देवता की विधिवत पूजा करने का विधान है। इसके साथ इस नाग पंचमी के दिन कालसर्प दोष से छुटकारा पाने का सबसे उत्तम दिन माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष होता है उसे जिंदगी में किसी न किसी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिक मेहनत करने के बावजूद रिजल्ट नहीं मिलता है, भलाई करने में बुराई मिलती है, विवाह में देरी होना, बनते काम बिगड़ जाना, साथ ही दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। आइए जानते हैं कि नागपंचमी के दिन कौन से उपाय करने से कालसर्प दोष से निजात मिल जाएगी।

नाग पंचमी 2022 शुभ मुहूर्त

पंचमी आरंभ- 2 अगस्त 2022, मंगलवार को सुबह 5 बजकर 13 मिनट पर

पंचमी समाप्त- 3 अगस्त 2022, बुधवार को सुबह 05 बजकर 41 मिनट तक

पूजा का शुभ मुहूर्त- 2 अगस्त को सुबह 06 बजकर 05 मिनट से 08 बजकर 41 मिनट तक

ऐसे बनता है कुंडली में कालसर्प दोष

ज्योतिष शास्त्र में राहु का अधिदेवता काल है और केतु का सर्प। कुंडली में जब राहु और केतु के बीच में सभी ग्रह आ जाते हैं तब काल सर्प दोष लगता है। यह दोष 12 तरह का होता है। हर एक दोष का फल अलग-अलग मिलता है।

कौन-कौन से है 12 कालसर्प दोष

ज्योतिष शास्त्र में इन 12 कालसर्प दोष के बारे में बताया गया है जो अनंत कालसर्प दोष, कुलिक कालसर्प दोष, वासुकि कालसर्प दोष, शंखपाल कालसर्प दोष, पद्म कालसर्प दोष, महापद्म कालसर्प दोष, तक्षक कालसर्प दोष, कर्कोटक कालसर्प दोष, शंखनाद कालसर्प दोष, घातक कालसर्प दोष, विषाक्त कालसर्प दोष, शेषनाग कालसर्प दोष है।

कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के उपाय

नागपंचमी के दिन श्रीसर्प सूक्त का पाठ करना चाहिए। इस पाठ को करने से कालसर्प दोष के साथ-साथ पितृदोष से भी मुक्ति मिल जाएगी।

नागपचंमी पर राहु तथा केतु के मंत्र का जाप करें। इससे भी कालसर्प दोष से निजात मिल जाएगी।

राहु मंत्र- ।। ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम: ।।

केतु मंत्र - ।। ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं स: केतवे नम:।।

नाग पचंमी के दिन अपने वजन के बराबर कोयला लेकर बहते जल में प्रवाहित करें। ऐसा करने से काफी हद तक कालसर्प दोष से छुटकारा मिल जाएगा। इसके अलावा जटा वाला नारियल और मसूर का दाल भी जल में प्रवाहित करना शुभ होता है।

नाग पंचमी के दिन किसी सपेरे से नाग-नागिन खरीदकर किसी जंगल में छुड़वा देना चाहिए। ऐसा करने से भी कालसर्प दोष का नकारात्मक प्रभाव थोड़ा कम हो जाता है।

नागपंचमी के दिन हाथों में गोमेद रत्न या फिर नाग-नागिन की आकृति वाली अंगूठी या फिर कड़ा धारण कर लें।

नागपचंमी के दिन नाम देवता के दर्शन करके उनके क्षमायाचना करें। इसके बाद पंडित को बुलाकर राहु-केतु की पूजा कराएं।

कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए नासिक के पास त्रयंबकेश्वर धाम में पूजा कराना सबसे शुभ माना जाता है।


Next Story