धर्म-अध्यात्म

January 2026 में व्रत-त्योहार की झड़ी, बसंत पंचमी और मौनी अमावस्या समेत पूरी लिस्ट

Harrison
17 Dec 2025 8:55 PM IST
January 2026 में व्रत-त्योहार की झड़ी, बसंत पंचमी और मौनी अमावस्या समेत पूरी लिस्ट
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Religion Spirituality, धर्म अध्यात्म : जनवरी का महीना हिंदू कैलेंडर में धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। 2026 की जनवरी में भक्तों के लिए कई महत्वपूर्ण व्रत, त्योहार और पवित्र तिथियाँ आने वाली हैं, जिनका पालन पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाएगा। इस महीने का प्रत्येक पर्व और व्रत विशेष धार्मिक महत्व रखता है और सामाजिक जीवन में भी इनका अहम स्थान है।
1 जनवरी – नए साल की शुरुआत और संत दिवस:
जनवरी का पहला दिन नए साल की खुशियाँ लेकर आता है। साथ ही, कई जगहों पर संत दिवस भी मनाया जाएगा। यह दिन धार्मिक आयोजन और विशेष पूजा-पाठ का अवसर प्रदान करता है।
5 जनवरी – पोंगल पर्व:
तमिलनाडु और दक्षिण भारत में पोंगल का पर्व मनाया जाता है। यह मुख्य रूप से सूर्य देव को समर्पित होता है और किसानों द्वारा कृषि उपज के लिए धन्यवाद अर्पित करने का अवसर माना जाता है।
13 जनवरी – मकर संक्रांति:
मकर संक्रांति पूरे भारत में बड़े धूमधा
म से मनाई जाती है। इस दिन सूर्य देव उत्तरायण में प्रवेश करते हैं, जिसे शुभ माना जाता है। उत्तर भारत में इसे खिचड़ी और तिल के पकवानों के साथ मनाया जाता है, जबकि दक्षिण भारत में पोंगल पर्व का आयोजन होता है।
14 जनवरी – पोंगल/लोहड़ी:
उत्तर भारत में लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है, जो मकर संक्रांति से जुड़ा हुआ है। इसे आग जलाकर और सामूहिक गीतों व नृत्यों के माध्यम से मनाया जाता है।
20 जनवरी – सोमवास्र व्रत:
सावन मास की तरह जनवरी में सोमवास्र व्रत रखने का विशेष महत्व माना जाता है। सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से विशेष लाभ और मानसिक शांति मिलती है।
22 जनवरी – माघी पूर्णिमा:
माघ मास की पूर्णिमा का व्रत और स्नान अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन गंगा, यमुना या अन्य पवित्र नदियों में स्नान करना पुण्यदायक होता है।
24 जनवरी – बसंत पंचमी:
बसंत पंचमी सरस्वती पूजा का प्रमुख दिन है। विद्या, कला और ज्ञान की देवी सरस्वती की आराधना इस दिन विशेष रूप से की जाती है। स्कूल और कॉलेज में बच्चों द्वारा सरस्वती वंदना का आयोजन किया जाता है। पीले रंग के कपड़े पहनना और पीले फूल अर्पित करना इस दिन की खास परंपरा है।
28 जनवरी – मौनी अमावस्या:
माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। इस दिन विशेष रूप से पितरों के तर्पण और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। इसे पितृ तर्पण का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।
31 जनवरी – श्रीकृष्ण जयंती (भाद्रपद माह अनुसार):
जनवरी अंत में कई स्थानों पर श्रीकृष्ण जयंती का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन भक्त श्रीकृष्ण के जन्मदिन के उपलक्ष्य में भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं।
जनवरी 2026 का महीना भक्ति, पूजा और सामाजिक मेलजोल के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगा। इस दौरान होने वाले व्रत और त्योहार न केवल धार्मिक अनुशासन की भावना जगाते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक समरसता को भी बढ़ावा देते हैं।
भक्त इस महीने के अवसरों का लाभ उठाकर न केवल धार्मिक कृत्य कर सकते हैं, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति भी ला सकते हैं। व्रत, पूजा और धार्मिक अनुष्ठान जीवन में अनुशासन और संयम की भावना को भी मजबूत करते हैं।
इस प्रकार जनवरी 2026 हिंदू धर्मावलंबियों के लिए व्रत-त्योहार, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का महीना साबित होगा।
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