धर्म-अध्यात्म

ain Calendar 2026: 12 महीने, 30+ पवित्र तिथियाँ

Harrison
10 Dec 2025 9:07 PM IST
ain Calendar  2026: 12 महीने, 30+ पवित्र तिथियाँ
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Religion Spirituality,धर्म अध्यात्म : जैन धर्म में प्रतिवर्ष कई पवित्र पर्व, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान मनाए जाते हैं, जो भक्तों की आस्था, तप और आत्म‑शुद्धि का प्रतीक होते हैं। 2026 का जैन कैलेंडर भी कई महत्वपूर्ण तिथियों से भरा हुआ है।
जनवरी – शुरुआत के पर्व
15 जनवरी 2026: Sheetalnath Janma Tap — 10वें तीर्थंकर का जन्म तप।
16 जनवरी 2026: Meru Trayodashi & Adinath Nirvana Kalyanak — Mount Meru को श्रद्धांजलि और प्रथम तीर्थंकर के निर्वाण उत्सव।
17 जनवरी 2026: Rishabhdev Moksha — प्रथम तीर्थंकर की आत्म‑मुक्ति की तिथि।
22–31 जनवरी 2026: Dashalakshan Mahaparv (3/3) — दस पुण्य गुणों पर आधारित व्रत‑उत्सव। 25 जनवरी को Maryada Mahotsava और 31 जनवरी को Shri Jitendra Rath Yatra।
फरवरी – व्रत अवधि
24 फरवरी 2026: Phalgun Ashtahnika — आठ दिन का व्रत व आस्‍थाव्रत।
मार्च – नए उत्सव और उपवास
03 मार्च 2026: फरवरी के व्रत की समाप्ति।
22 मार्च 2026: Dashalakshan (मार्च) प्रारंभ।
25 मार्च 2026: Navpad Oli — नौ दिन का उपवास व ध्यान अवधि।
30 मार्च 2026: Mahavir Jayanti — 24वें तीर्थंकर ‎भगवान महावीर की जयंती, अहिंसा, सत्य और दया के संदेश का उत्सव।
31 मार्च 2026: Dashalakshan (मार्च) समाप्त।
अप्रैल – आत्म सुधार और ज्ञान दिवस
02 अप्रैल 2026: Navpad Oli समाप्त।
26 अप्रैल 2026: Mahavir Swami Keval Gyaan Divas — महावीर स्वामी द्वारा ज्ञान प्राप्ति दिवस।
🕊️ मई — व्रत
02 मई 2026: Jyeshtha Jinwar Vrat — आत्म‑शुद्धि और संयम व्रत।
14 मई 2026: Anantnath Janma Tap — एक अन्य तीर्थंकर की जयंती।
जून – व्रत की अवधि समाप्ति
29 जून 2026: Jyeshtha Jinwar Vrat की समाप्ति।
जुलाई – उपवास और साधना
21 जुलाई 2026: Ashadh Ashtahnika (1/3) प्रारंभ — आठ दिन का व्रत‒ध्यान।
28 जुलाई 2026: Ashadh Chaumasi Chaudas — चौदहवीं तिथि व्रत।
29 जुलाई 2026: Ashtahnika समाप्त।
अगस्त – मोक्ष दिवस
19 अगस्त 2026: Parshvanath Moksha — 23वें तीर्थंकर के मोक्ष दिवस।
सितंबर – क्षमावाणी और पुण्य उपवास
12 सितंबर 2026: Samvatsari (क्षमावाणी) — जैन धर्म में क्षमाप्रार्थना व प्रायश्चित का पर्व, साथ ही Kalpasutra Paath।
13 सितंबर 2026: Tailadhar Tapa — व्रत व तप।
15 सितम्बर 2026: Dashalakshan (2/3) प्रारंभ।
16 सितम्बर 2026: Kshamavani Parva — क्षमा दिवस।
25 सितम्बर 2026: Dashalakshan (2/3) समाप्त।
अक्टूबर – व्रत और उपवास
16 अक्टूबर 2026: दोबारा Ayambil Oli व्रत प्रारंभ — नौ दिन का सरल आहार व तप।
26 अक्टूबर 2026: Ayambil Oli समाप्त।
नवंबर – तीर्थंकर जन्म‑तप, निर्वाण व सु‑शुभ तिथियाँ
07 नवंबर 2026: Shri Padma Prabhu Janma Tap — एक तीर्थंकर का जन्म तप।
09 नवंबर 2026: Mahavir Nirvana — भगवान महावीर का निर्वाण दिवस।
14 नवंबर 2026: Gyan Panchami / Saubhagya Panchami — शुभ विचार, विद्या व परोपकार के लिए व्रत।
17–24 नवंबर 2026: Ashtahnika (2/3) व्रत‑चक्र।
दिसंबर – दीक्षा व मौन व्रत
03 दिसंबर 2026: Mahavir Swami Diksha — भगवान महावीर की दीक्षा की یاد में।
20 दिसंबर 2026: Mauni Ekadashi — मौन एवं व्रत का दिन, आत्मचिंतन के लिए।
क्यों जानना है जैन कैलेंडर
जैन धर्म में उपवास, व्रत, तीर्थंकर‑जयंती व निर्वाण दिवस, क्षमावाणी जैसे अनुष्ठान भक्तों के लिए आत्मशुद्धि, दया, अहिंसा, संयम व ध्यान का जरिया होते हैं। समय‑समय पर इन तिथियों को जानना न सिर्फ धार्मिक रूप से बल्कि सामाजिक, पारिवारिक योजना व यात्रा‑तैयारी के लिए भी काम आता है।
2026 का जैन कैलेंडर उन जैन समुदायों और परिवारों के लिए विशेष महत्व रखता है जो पारंपरिक व्रत, पूजा‑पाठ और तीर्थ यात्रा के माध्यम से अपनी आस्था पर चलते हैं।
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