धर्म-अध्यात्म

सांप को दूध पिलाना पुण्य या पाप नाग पंचमी पर जानिए सच्चाई

nidhi
17 Aug 2026 9:03 AM IST
सांप को दूध पिलाना पुण्य या पाप नाग पंचमी पर जानिए सच्चाई
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क्या सांप सच में पीते हैं दूध नाग पंचमी पर जानिए वैज्ञानिक सच
नई दिल्ली: नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस अवसर पर कई जगहों पर लोग सांपों को दूध पिलाने की कोशिश भी करते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या वास्तव में जीवित सांप को दूध पिलाना धार्मिक रूप से आवश्यक है और वैज्ञानिक दृष्टि से ऐसा करना सही है? विशेषज्ञों के मुताबिक सांपों का प्राकृतिक भोजन दूध नहीं है और जबरन दूध पिलाना उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
हिंदू धर्म में नागों का विशेष स्थान है। भगवान शिव के गले में नाग विराजमान हैं, जबकि भगवान विष्णु शेषनाग पर शयन करते हैं। नाग पंचमी पर नाग देवता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनकी पूजा करने की परंपरा है। हालांकि धार्मिक आस्था के नाम पर जीवित सांप को पकड़कर या जबरन दूध पिलाने को पूजा की अनिवार्य प्रक्रिया नहीं माना जाना चाहिए। धार्मिक परंपराओं में कई स्थानों पर नाग प्रतिमा, चित्र या मंदिर में दूध अर्पित करने की प्रथा देखने को मिलती है। श्रद्धालु नाग देवता की प्रतिमा पर जल, दूध, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करते हैं। जीवित वन्यजीव को पकड़कर परेशान करने के बजाय प्रतीकात्मक रूप से पूजा करना अधिक सुरक्षित तरीका है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सांप स्तनधारी जीव नहीं हैं और दूध उनके प्राकृतिक आहार का हिस्सा नहीं है। अलग-अलग प्रजातियों के सांप चूहे, मेंढक, छिपकली, पक्षियों के अंडे और अन्य छोटे जीवों को अपना भोजन बनाते हैं। सामान्य परिस्थितियों में उन्हें दूध की आवश्यकता नहीं होती।
विशेषज्ञ बताते हैं कि कई बार लंबे समय तक भूखे या प्यासे रखे गए सांप सामने रखे तरल पदार्थ को पी सकते हैं। इसे यह मान लेना सही नहीं है कि सांप स्वाभाविक रूप से दूध पीते हैं। जबरन दूध पिलाने से दूध उनके श्वसन मार्ग में जा सकता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा कर सकता है।
नाग पंचमी पर सांपों को पकड़कर सार्वजनिक प्रदर्शन करना भी वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से चिंता का विषय है। भारत में सांपों की कई प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित हैं। इसलिए उन्हें पकड़ने, चोट पहुंचाने या अवैध रूप से रखने से बचना चाहिए।
नाग पंचमी का मूल संदेश प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति सम्मान से भी जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में श्रद्धालु जीवित सांप को दूध पिलाने के बजाय नाग देवता की प्रतिमा की पूजा कर सकते हैं और वन्यजीवों की सुरक्षा का संकल्प ले सकते हैं। इसलिए आस्था और विज्ञान दोनों का सम्मान करते हुए नाग पंचमी मनाने का बेहतर तरीका यही है कि जीवित सांपों को उनके प्राकृतिक वातावरण में रहने दिया जाए। नाग देवता के प्रति श्रद्धा पूजा, प्रार्थना और प्रतीकात्मक अर्पण के माध्यम से व्यक्त की जा सकती है, बिना किसी जीव को नुकसान पहुंचाए।
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