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धर्म-अध्यात्म
रात में शंख बजाना शुभ या अशुभ जानें शंखनाद से जुड़े नियम
nidhi
1 Sept 2026 10:10 AM IST

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नई दिल्ली: हिंदू धर्म में शंख को बेहद पवित्र माना जाता है। पूजा-पाठ, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों में शंखनाद का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि शंख बजाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वातावरण शुद्ध होता है। लेकिन कई लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या रात के समय शंख बजाना शुभ होता है या अशुभ?
रात में शंख बजाने को लेकर क्या मान्यता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद शंख बजाने से बचना चाहिए। कई परंपराओं में माना जाता है कि शाम की आरती के बाद शंखनाद नहीं किया जाता, क्योंकि यह समय देवी-देवताओं की विश्राम अवधि से जुड़ा माना जाता है।
हालांकि, कुछ धार्मिक विद्वानों का मानना है कि विशेष पूजा, अनुष्ठान या किसी धार्मिक आयोजन के दौरान रात में शंख बजाने में कोई दोष नहीं माना जाता।
शंख बजाने का शुभ समय
आमतौर पर शंख बजाने के लिए सुबह पूजा के समय और शाम की आरती के समय को शुभ माना जाता है। सुबह शंखनाद को सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण बनाने वाला माना जाता है।
पूजा के दौरान शंख बजाने से पहले भगवान का स्मरण और उचित विधि का पालन करना शुभ माना जाता है।
रात में किन समयों पर शंख बजाने से बचें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार:
देर रात बिना किसी पूजा या धार्मिक कारण के शंख नहीं बजाना चाहिए।
आधी रात के समय शंखनाद करने से बचने की सलाह दी जाती है।
किसी को परेशान करने या मनोरंजन के लिए शंख नहीं बजाना चाहिए।
वैज्ञानिक दृष्टि से शंख बजाने के फायदे
धार्मिक मान्यताओं के अलावा शंख बजाने को स्वास्थ्य से भी जोड़ा जाता है। शंख बजाने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है और सांस लेने की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है। इसके अलावा शंख की ध्वनि से मन को शांति मिलने की बात भी कही जाती है।
आस्था और परंपरा का हिस्सा
शंख बजाने को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग परंपराएं हैं। कुछ लोग इसे केवल पूजा के समय करते हैं, जबकि कुछ विशेष अवसरों पर रात में भी शंखनाद करते हैं। इसलिए इसे मुख्य रूप से धार्मिक विश्वास और परंपरा से जुड़ा विषय माना जाता है।
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