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धर्म-अध्यात्म
जमशेदपुर में बेटी की तरह हुई मां दुर्गा की विदाई
Rajeshwari Nishad
21 Oct 2026 6:28 PM IST

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जमशेदपुर: जमशेदपुर में विजयादशमी का पावन पर्व आस्था, उल्लास और भावुकता के त्रिवेणी संगम के रूप में संपन्न हो गया। शहर के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों में बुधवार को नम आंखों से मां दुर्गा को अंतिम विदाई दी गई। कई दिनों तक पूजा-अर्चना, भक्ति और उत्सव में डूबे रहे श्रद्धालुओं के लिए मां की विदाई का पल भावुक कर देने वाला रहा। पंडालों में मां के दर्शन के लिए पहुंचे भक्तों ने श्रद्धा के साथ नमन किया और अगले वर्ष फिर से आने की प्रार्थना की।
नम आंखों से मां दुर्गा को दी गई विदाई
विजयादशमी के अवसर पर जमशेदपुर के अलग-अलग इलाकों में स्थापित दुर्गा पूजा पंडालों में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। भक्तों ने मां दुर्गा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। पूजा पंडालों में भक्ति गीतों और मां के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
मां दुर्गा की विदाई के दौरान श्रद्धालुओं के चेहरे पर जहां उत्सव की खुशी दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर मां के जाने का दुख भी साफ झलक रहा था। कई भक्तों ने भावुक होकर मां से अगले वर्ष दोबारा आने की प्रार्थना की। मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही शहर में कई दिनों से चल रहा दुर्गोत्सव अपने समापन की ओर बढ़ गया।
पूजा पंडालों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
दुर्गा पूजा के दौरान जमशेदपुर में धार्मिक उत्साह का माहौल बना रहा। शहर के विभिन्न इलाकों में आकर्षक पंडालों और मां दुर्गा की प्रतिमाओं के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। परिवारों के साथ आए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और उत्सव का आनंद लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में पर्व को लेकर उत्साह देखने को मिला।
पूजा पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन के साथ लोगों ने एक-दूसरे को विजयादशमी की शुभकामनाएं भी दीं। कई स्थानों पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार विदाई से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरे आयोजन के दौरान आस्था और सामाजिक मेलजोल की झलक देखने को मिली।
परंपराओं के साथ निभाई गई विदाई की रस्म
दुर्गा पूजा के समापन पर मां की विदाई धार्मिक परंपराओं के अनुसार की गई। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के चरणों में शीश झुकाकर आशीर्वाद लिया। भक्तों ने प्रार्थना की कि मां अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखें और सभी के जीवन से दुख, संकट और परेशानियों को दूर करें।
मां दुर्गा की विदाई केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए भावनाओं से जुड़ा अवसर भी है। कई दिनों तक मां की पूजा और सेवा में जुटे रहने वाले भक्तों के लिए विसर्जन का समय विशेष रूप से भावुक होता है। यही वजह रही कि विदाई के समय पंडालों में मौजूद लोगों ने श्रद्धा और भावुकता के साथ मां को अंतिम प्रणाम किया।
बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व लोगों को सत्य, धर्म और न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मां दुर्गा की पूजा के माध्यम से भक्त शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा की कामना करते हैं। पर्व का संदेश है कि कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और सदाचार का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।
जमशेदपुर में भी विजयादशमी के अवसर पर लोगों ने इसी आस्था और विश्वास के साथ मां दुर्गा की आराधना की। श्रद्धालुओं ने परिवार और समाज में शांति, प्रेम और सद्भाव बनाए रखने की कामना की। धार्मिक उत्सव ने लोगों को एक साथ आने और आपसी संबंधों को मजबूत करने का अवसर भी दिया।
अगले वर्ष फिर आने की कामना
मां दुर्गा की विदाई के साथ ही श्रद्धालुओं की निगाहें अब अगले वर्ष होने वाले दुर्गोत्सव पर टिक गई हैं। भक्तों ने मां से प्रार्थना की कि वह अगले वर्ष फिर आएं और सभी पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। विदाई के दौरान मां के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने उन्हें भावभीनी विदाई दी।
इस तरह जमशेदपुर में विजयादशमी का पर्व आस्था, भक्ति और भावनाओं के बीच संपन्न हुआ। मां दुर्गा की विदाई के साथ भले ही उत्सव का समापन हो गया, लेकिन भक्तों के मन में मां के प्रति श्रद्धा और विश्वास पहले की तरह कायम है। शहरवासियों ने मां दुर्गा से सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए अगले वर्ष फिर से उनके आगमन की प्रतीक्षा शुरू कर दी।
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