धर्म-अध्यात्म

शिवलिंग पर कैसे चढ़ाया जाता है जल, जानें सही विधि एवं नियम

SANTOSI TANDI
4 Sep 2023 7:26 AM GMT
शिवलिंग पर कैसे चढ़ाया जाता है जल, जानें सही विधि एवं नियम
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जानें सही विधि एवं नियम
हिंदू धर्म में भगवान शिव को कल्याण का देवता माना गया है, जिनकी पूजा करने पर साधक के सभी दुख पलक झपकते दूर हो जाते हैं. सनातन परंपरा में सोमवार का दिन शिव पूजा के लिए बेहद शुभ माना गया है. इस दिन यदि कोई साधक किसी शिवालय में जाकर भगवान शिव के निराकार स्वरूप यानि शिवलिंग की विधि-विधान से पूजा करता है तो उस पर देवों के देव महादेव की पूरी कृपा बरसती है. मान्यता है कि शिवलिंग की पूजा करने पर साधक की सभी मनोकामना पलक झपकते पूरी होती है, लेकिन ध्यान रहे कि शिवलिंग की पूजा का भी अपना एक नियम होता है. आइए शिवलिंग की पूजा विधि और जरूरी नियम को विस्तार से जानते हैं.
शिवलिंग की पूजा करने से पहले साधक को तन और मन से पवित्र हो जाना चाहिए। भगवान शिव की पूजा कभी भी काले रंग के कपड़े पहनकर नहीं करना चाहिए।
हिंदू धर्म में भगवान की शिव की पूजा बहुत सरल और शीघ्र फलदायी मानी गई है क्योंकि वे सिर्फ जल और पत्ते को चढ़ाने मात्र से प्रसन्न हो जाते हैं. हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान शिव को गंगा जल बहुत ज्यादा प्रिय है, जिसे शिवलिंग चढ़ाने पर साधक को मनचाहा आशीर्वाद प्राप्त मिलता है, लेकिन ध्यान रहे कि इसे हमेशा तांबे के लोटे से ही चढ़ाया जाता है. कभी भूलकर कर भी गंगाजल को प्लास्टिक के बर्तन से न चढ़ाएं.
शिवलिंग की पूजा करना हो तो सबसे पहले तांबे के लोटे में जल लेकर जलहरी के दाईं ओर चढ़ाएं, जिसे भगवान गणेश जी का स्थान माना गया है. इसके बाद बाईं ओर जल चढ़ाएं जिसे भगवान कार्तिकेय का स्थान माना गया है. इसके बाद जलहरी के बीचों बीच जल चढ़ाया जाता है, जिसे भगवान शिव की पुत्री अशोक सुंदरी का स्थान माना जाता है. इसके बाद जलहरी के गोलाकार हिस्से में जल चढ़ाएं जिसे माता पार्वती का स्थान माना जाता है. शिवलिंग में सबसे सबसे आखिरी में धीमे-धीमे जल चढ़ाएं.
हिंदू मान्यता के अनुसार शिवलिंग पर कभी भी खड़े होकर जल नहीं चढ़ाना चाहिए। शिवलिंग पर हमेशा बैठकर धीमे-धीमे जल चढ़ाना शुभ माना गया है. भगवान शिव को कभी तेज धार से जल न चढ़ाएं.
हिंदू मान्यता के अनुसार शिवलिंग की जलहरी में कभी भी पूजा का सामान नहीं रखना चाहिए और न ही परिक्रमा करते समय जलहरी को डांकना चाहिए। हिंदू मान्यता के अनुसार शिवलिंग की हमेशा आधी परिक्रमा करनी चाहिए.
हिंदू मान्यता के अनुसार शिवलिंग पर कभी भी पूर्व दिशा की ओर मुख करके जल नहीं चढ़ाना चाहिए, क्योंकि सनातन परंपरा के अनुसार यह भगवान शिव का मुख्य प्रवेश द्वार माना गया है. हिंदू मान्यता के अनुसार शिवलिंग पर हमेशा उत्तर दिशा की ओर मुख करके जल चढ़ाना चाहिए.
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