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धर्म-अध्यात्म
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का इतिहास शिव के 10वें ज्योतिर्लिंग से जुड़े अनसुने रहस्य
nidhi
20 Aug 2026 8:04 AM IST

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द्वारका का नागेश्वर धाम क्यों है खास जानिए मंदिर की पौराणिक मान्यता
नई दिल्ली: भारत में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इन्हीं में से एक है गुजरात के द्वारका क्षेत्र में स्थित नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, जिसे भगवान शिव के 10वें ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है। यह पवित्र धाम अपनी धार्मिक मान्यताओं, प्राचीन इतिहास और आध्यात्मिक महत्व के कारण देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का इतिहास
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात के देवभूमि द्वारका जिले में स्थित है। यह मंदिर द्वारका शहर से करीब 15 से 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह वही स्थान है जहां भगवान शिव स्वयंभू रूप में प्रकट हुए थे। पुराणों में नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का उल्लेख मिलता है। शिव पुराण की कथा के अनुसार, यहां एक भक्त की तपस्या और भगवान शिव की कृपा से ज्योतिर्लिंग की स्थापना हुई। मान्यता है कि भगवान शिव अपने भक्तों की रक्षा के लिए इस स्थान पर प्रकट हुए थे।
नागेश्वर नाम पड़ने की कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार दारुक नामक राक्षस ने अपनी शक्तियों के बल पर लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया था। उसने एक भक्त सुप्रिय सहित कई लोगों को बंदी बना लिया। सुप्रिय ने जेल में भी भगवान शिव की आराधना जारी रखी। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए और भक्तों को राक्षस के अत्याचारों से मुक्त कराया। इसी स्थान पर भगवान शिव ने ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान होने का आशीर्वाद दिया। कहा जाता है कि नागों के देवता और भगवान शिव के संबंध के कारण इस ज्योतिर्लिंग का नाम नागेश्वर पड़ा।
स्वयंभू ज्योतिर्लिंग की मान्यता
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग को स्वयंभू यानी स्वयं प्रकट हुआ शिवलिंग माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां भगवान शिव की पूजा करने से भय, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिलती है।
मंदिर की विशेषताएं
नागेश्वर मंदिर परिसर में भगवान शिव की विशाल प्रतिमा भी आकर्षण का केंद्र है। मंदिर में शिवलिंग की पूजा विशेष विधि-विधान से की जाती है। महाशिवरात्रि और सावन के महीने में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
धार्मिक महत्व
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग को मोक्ष और आध्यात्मिक शांति प्रदान करने वाला पवित्र स्थान माना जाता है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
द्वारका यात्रा में महत्व
द्वारका भगवान श्रीकृष्ण की नगरी के रूप में प्रसिद्ध है। द्वारकाधीश मंदिर के साथ नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन को धार्मिक यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु द्वारका यात्रा के दौरान इस पवित्र धाम में जरूर पहुंचते हैं। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग केवल एक मंदिर नहीं बल्कि भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा और भगवान शिव के प्रति करोड़ों भक्तों की आस्था का प्रतीक है। इसकी धार्मिक मान्यताएं और पौराणिक कथाएं इसे देश के प्रमुख शिव धामों में विशेष स्थान दिलाती हैं।
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