धर्म-अध्यात्म

हरतालिका तीज व्रत नियम: भूलकर भी न करें ये 4 काम

Tara Tandi
13 Sept 2026 12:29 PM IST
हरतालिका तीज व्रत नियम: भूलकर भी न करें ये 4 काम
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Hartalika Teej ज्योतिष न्यूज़ : हिंदू धर्म में हरतालिका तीज का व्रत विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित माना जाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अखंड सौभाग्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना के साथ व्रत रखती हैं। कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा जीवनसाथी पाने की इच्छा से यह व्रत करती हैं। हरतालिका तीज का व्रत कठिन व्रतों में शामिल माना जाता है, क्योंकि इसमें निर्जला उपवास रखने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्रत के दौरान कुछ कार्यों से बचना चाहिए। मान्यता है कि इन नियमों की अनदेखी करने से व्रत का धार्मिक फल प्रभावित हो सकता है। आइए जानते हैं हरतालिका तीज के दिन किन 4 बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
काले और सफेद कपड़े पहनने से बचें
हरतालिका तीज पर सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और पूजा के दौरान शुभ रंगों के वस्त्र धारण करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन काले और सफेद रंग के कपड़े पहनने से बचने की सलाह दी जाती है। काले रंग को कई धार्मिक परंपराओं में नकारात्मकता से जोड़कर देखा जाता है, जबकि सफेद रंग को वैवाहिक और सुहाग से जुड़े अवसरों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। कुछ परंपराओं में नीले रंग से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है। इसलिए तीज के दिन लाल, हरे, पीले या गुलाबी जैसे पारंपरिक रंगों को प्राथमिकता दी जा सकती है।
तीज की रात सोने से बचें
हरतालिका तीज की रात जागरण का विशेष महत्व बताया जाता है। धार्मिक कथा के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी तप और शिव भक्ति की परंपरा से तीज की रात जागकर भगवान शिव और माता पार्वती का स्मरण करने की मान्यता जुड़ी है। व्रत रखने वाली महिलाएं रात में भजन, मंत्र जाप और शिव-पार्वती की कथा का श्रवण या पाठ कर सकती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार पूरी श्रद्धा से रात्रि जागरण करने से पूजा का संकल्प पूर्ण माना जाता है।
क्रोध और कलह से रहें दूर
हरतालिका तीज केवल उपवास का पर्व नहीं, बल्कि श्रद्धा, संयम और भक्ति का दिन भी माना जाता है। इसलिए इस दिन मन और वाणी पर नियंत्रण रखने की सलाह दी जाती है। व्रती महिलाओं को किसी से विवाद करने, अपशब्द बोलने, अपमान करने या दूसरों की निंदा करने से बचना चाहिए। घर में भी शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तीज के शुभ अवसर पर कलह-क्लेश करना उचित नहीं माना जाता।
निर्जला व्रत में जल और अन्न का सेवन न करें
हरतालिका तीज के व्रत की सबसे महत्वपूर्ण परंपराओं में निर्जला उपवास शामिल है। इसका अर्थ है कि व्रत के दौरान अन्न और जल दोनों का सेवन नहीं किया जाता। धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रत का संकल्प लेने के बाद अन्न या पानी का सेवन करने से व्रत खंडित माना जा सकता है। हालांकि, निर्जला व्रत स्वास्थ्य की दृष्टि से कठिन हो सकता है। इसलिए किसी भी प्रकार का उपवास रखने से पहले अपनी सेहत और चिकित्सकीय स्थिति को ध्यान में रखना जरूरी है।
क्यों खास है हरतालिका तीज?
हरतालिका तीज को माता पार्वती की तपस्या और भगवान शिव से उनके विवाह से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि माता पार्वती ने शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तप किया था। इसी कारण महिलाएं इस दिन शिव-पार्वती की पूजा कर अपने वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि और पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। इस दिन व्रत के साथ पूजा-पाठ, शिव-पार्वती का स्मरण और धार्मिक कथा सुनने की परंपरा है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में तीज के नियमों और रीति-रिवाजों में अंतर भी देखने को मिल सकता है।
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