धर्म-अध्यात्म

2 दिसंबर को है गुरु प्रदोष, ऐसे रखें ये व्रत, जानिए महत्व

Rani Sahu
25 Nov 2021 4:32 PM GMT
2 दिसंबर को है गुरु प्रदोष, ऐसे रखें ये व्रत, जानिए महत्व
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प्रदोष व्रत को शास्त्रों में काफी श्रेष्ठ व्रतों में से एक माना गया है

प्रदोष व्रत को शास्त्रों में काफी श्रेष्ठ व्रतों में से एक माना गया है. ये व्रत महादेव को समर्पित है और हर माह कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष दोनों की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. दिन के हिसाब से प्रदोष व्रत का महत्व भी अलग अलग होता है. मार्गशीर्ष माह का कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत 2 दिसंबर गुरुवार के दिन रखा जाएगा.

गुरुवार के दिन ये व्रत पड़ने के कारण इसे गुरु प्रदोष कहा जाता है. प्रदोष व्रत महादेव को अति प्रिय है. मान्यता है कि इस व्रत को करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं व सभी कष्टों को दूर करते हैं. शास्त्रों में प्रदोष व्रत को दो गायों के दान करने के समान पुण्यदायी बताया गया है. इस व्रत में शिव की पूजा हमेशा प्रदोष काल में कही जाती है. यहां जानिए इस व्रत का महत्व, व्रत विधि और इससे जुड़ी अन्य जानकारी.
ये है महत्व
शास्त्रों में प्रदोष व्रत को लेकर कहा गया है कि इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और भक्त को मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. माना जाता है कि ये व्रत भक्त के भाग्य को जगाने वाला है. इस व्रत को रखने से कुंडली में चंद्र की स्थिति भी मजबूत होती है. इससे व्यक्ति की मानसिक स्थिति बेहतर होती है.
व्रत के दौरान ऐसे करें पूजन
सबसे पहले सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान आदि के बाद व्रत का संकल्प लें. संभव हो तो दिन में आहार न लें. अगर नहीं रह सकते तो फलाहार ले सकते हैं. शाम को प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद और रात्रि से पहले के समय में भगवान शिव का पूजन करें. पूजन के लिए सबसे पहले स्थान को गंगाजल या जल से साफ करें. फिर गाय के गोबर से लीपकर उस पर पांच रंगों की मदद से चौक बनाएं. पूजा के दौरान कुश के आसन का प्रयोग करें. पूजन की तैयारी करके ईशानकोण यानी उतर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें और भगवान शंकर का ध्यान करें. पूजन के दौरान सफेद कपड़े पहनना अत्यंत शुभ माना जाता है. भगवान शिव के मंत्र 'ओम नम: शिवाय' का जाप करते हुए शिव को जल, चंदन, पुष्प, प्रसाद, धूप आदि अर्पित करें. इसके बाद प्रदोष व्रत कथा का पाठ करें. आरती करें और अंत में क्षमायाचना करें. फिर भगवान का प्रसाद वितरण करें.
दिन के मुताबिक मिलता फल
1. सोमवार के दिन प्रदोष व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
2. मंगलवार के दिन व्रत रखने से बीमारियों से राहत मिलती है.
3. बुधवार के दिन प्रदोष व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.
4. बृहस्पतिवार को व्रत रखने से दुश्मनों का नाश होता है.
5. शुक्रवार को व्रत रखने से शादीशुदा जिंदगी एवं भाग्य अच्छा होता है.
6. शनिवार को व्रत रखने से संतान प्राप्त होती है.
7. रविवार के दिन व्रत रखने से अच्छी सेहत व उम्र लम्बी होती है.


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