धर्म-अध्यात्म

Guru Nanak Jayanti 2025: तिथि, महत्व और उपदेश

Harrison
30 Oct 2025 7:25 PM IST
Guru Nanak Jayanti  2025: तिथि, महत्व और उपदेश
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Religion Spirituality ,धर्म अध्यात्म : सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी की जयंती यानी गुरुपर्व हर साल बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। इस साल 2025 में गुरु नानक जयंती 5 नवंबर, बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा के दिन पड़ेगी। इसे गुरु पर्व के नाम से भी जाना जाता है और यह सिखों के लिए एक अत्यंत पवित्र और आध्यात्मिक अवसर है।
गुरु नानक देव जी का जीवन और योगदान
गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 ईस्वी में तलवंडी, पंजाब (अब पाकिस्तान में) हुआ था। उन्होंने जीवन भर समानता, सेवा, भक्ति और नैतिकता के संदेश दिए। उनके उपदेश आज भी समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिकता के मार्गदर्शन के रूप में प्रासंगिक हैं। गुरु नानक देव जी ने जाति, धर्म और लिंग के भेदभाव को समाप्त करने पर जोर दिया और सभी के लिए एकसमानता और भाईचारा का संदेश दिया।
उनके प्रमुख उपदेशों में शामिल हैं:
नाम जापना: ईश्वर का ध्यान और भजन करना।
किरत करना: मेहनत से जीवन यापन करना और ईमानदारी से कमाई करना।
वंड छकना: अपनी कमाई में से दूसरों के लिए साझा करना और जरूरतमंदों की मदद करना।
गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का सार यह है कि ईश्वर एक है और सभी मनुष्यों में उसकी उपस्थिति है। उन्होंने सामाजिक अन्याय और आर्थिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाई और मानवता की सेवा को सर्वोपरि माना।
गुरुपर्व का महत्व और परंपराएं
गुरु नानक जयंती पर सिख समाज में विशेष उत्सव का आयोजन किया जाता है। इस दिन गुरुद्वारों में भव्य कार्यक्रम होते हैं, जहां भजन, कीर्तन और प्रवचन आयोजित किए जाते हैं। सुबह से लेकर शाम तक श्रद्धालु पाठ और प्रार्थना में शामिल होते हैं।
अखंड पाठ: गुरुद्वारों में गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ पढ़ा जाता है। यह पाठ निरंतर चलने वाला होता है और पूरे दिन चलता है।
प्रकाश समारोह: विशेष रूप से सिखों के प्रमुख गुरुद्वारों में दीप और रोशनी से वातावरण को सजाया जाता है।
लंगर सेवा: लंगर यानी सामूहिक भोजन, जो मुफ्त में श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जाता है, गुरुपर्व का अहम हिस्सा है। यह सेवा और साझा करने का प्रतीक है।
गुरु नानक जयंती केवल धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह मानवता, सेवा और नैतिकता के मूल्यों को पुनः जागृत करने का अवसर भी है।
गुरुपर्व 2025 की तिथि और विशेष तैयारी
इस साल 2025 में गुरुपर्व 5 नवंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। श्रद्धालु इस दिन सफाई, सजावट और धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारी पहले से करते हैं। घर और गुरुद्वारा दोनों जगह दीप और फूलों से सजावट की जाती है।
साथ ही लोग अपने परिवार और समाज में सेवा कार्य, जरूरतमंदों के लिए भोजन और वस्त्र वितरण जैसे कार्यों में भाग लेते हैं। यह दिन धार्मिक भक्ति के साथ सामाजिक सेवा का संदेश भी देता है।
गुरु नानक जयंती न केवल सिख धर्म के अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि पूरे समाज के लिए शांति, भाईचारा और सेवा का संदेश देती है। गुरु नानक देव जी के उपदेश आज भी प्रासंगिक हैं और जीवन को नैतिकता और आध्यात्मिकता की ओर मार्गदर्शित करते हैं। इस गुरुपर्व पर श्रद्धालु उनके उपदेशों को याद करते हुए समानता, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।
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