धर्म-अध्यात्म

गुप्त नवरात्रि 2022 पूजा का शुभ मुहूर्त, इस दिन होगी इन 10 महाविद्याओं की पूजा

Tulsi Rao
1 Jun 2022 4:52 AM GMT
गुप्त नवरात्रि 2022 पूजा का शुभ मुहूर्त, इस दिन होगी इन  10 महाविद्याओं की पूजा
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जनता से रिश्ता वेबडेस्क। Gupt Navratri 2022: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है. साल भर में चार बार नवरात्रि मनाए जाते हैं. दो पौष और चैत्र माह में पड़ने वाले नवरात्रि. और नवरात्रि आषाढ़ और अश्विन माह में मनाए जाते हैं. आषाढ़ और अश्विन माह के नवरात्रि गुप्त नवरात्रि होते हैं. ऐसा माना जाता है कि गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के साथ-साथ दस महाविद्याओं की पूजा-अर्चना भी की जाती है.

गुप्त नवरात्रि में तंत्र विद्या का विशेष महत्व बताया गया है. इसलिए ये पर्व हर कोई नहीं मनाता. आषाढ़ माह की प्रतिपदा तिथि से नौ दिन तक गुप्त नवरात्रि मनाए जाते हैं. आइए जानते हैं गुप्त नवरात्रि की तिथियां, घटस्थापना और शुभ मुहूर्त के बारे में.
गुप्त नवरात्रि 2022 तिथि-
हर साल आषाढ़ माह की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि मनाए जाते हैं. इस बार गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 30 जून से हो रही है. जो कि 9 जुलाई को समाप्त होगी.
गुप्त नवरात्रि 2022 पूजा का शुभ मुहूर्त-
आषाढ़ माह में प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 29 जून, सुबह 8 बजकर 22 मिनट में होगी और तिथि का समापन 30 जून सुबह 10 बजकर 49 मिनट तक रहेगी.
इस दिन अभिजीत मुहूर्त 30 जून दोपहर 12 बजकर 3 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक है. घटस्थापना का मुहूर्त 30 जून सुबह 5 बजकर 48 मिनट से 10 बजकर 16 मिनट तक है.
इस दिन होगी इन 10 महाविद्याओं की पूजा
आषाढ़ माह के गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के साथ-साथ 10 महाविद्याओं की पूजा की भी परंपरा है. जानें इन 10 विद्याओं के बारे में.
मां काली
मां तारा
मां त्रिपुर सुंदरी
मां भुवनेश्वरी
मां छिन्नमस्ता
मां त्रिपुर भैरवी
मां धूमावती
मां बगलामुखी
मां मातंगी
मां कमला
जानें गुप्त नवरात्रि की तिथियां
प्रतिपदा तिथि - घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा
द्वितीया तिथि - मां ब्रह्मचारिणी पूजा
तृतीया तिथि - मां चंद्रघंटा की पूजा
चतुर्थी तिथि - मां कूष्मांडा की पूजा
पंचमी तिथि - मां स्कंदमाता की पूजा
षष्ठी तिथि - मां कात्यायनी की पूजा
सप्तमी तिथि - मां कालरात्रि की पूजा
अष्टमी तिथि - मां महागौरी की पूजा
नवमी तिथि - मां सिद्धिदात्री की पूजा
दशवां दिन- नवरात्रि का पारण

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