धर्म-अध्यात्म

खीर से प्रसन्न होती हैं इस मंदिर की देवी

Gulabi
5 April 2021 11:46 AM GMT
खीर से प्रसन्न होती हैं इस मंदिर की देवी
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भारत को मंदिरों का देश यूं ही नहीं कहा जाता. यहां एक से एक खूबसूरत मंदिर हैं जो श्रद्धालुओं का मन मोह लेते हैं

भारत को मंदिरों का देश यूं ही नहीं कहा जाता. यहां एक से एक खूबसूरत मंदिर हैं जो श्रद्धालुओं का मन मोह लेते हैं. साथ ही कई ऐसे मंदिर भी हैं जो चमत्कारी (Miraculous Temple) होने के साथ ही उनसे कोई न कोई रहस्य जुड़ा हुआ है. हिमाचल के कांगड़ा स्थित ज्वाला जी मंदिर (Jwala ji temple) में जहां अनादि काल से दीपक की लौ जलती आ रही है, तो वहीं कर्नाटक के एक मंदिर में पिलर्स से संगीत निकलता है. ऐसा ही एक अद्भुत मंदिर कश्मीर की खूबसूरत वादियों में जहां मंदिर के अंदर स्थित झरने का पानी रंग बदलता है.


माता को लगता है खीर का भोग
जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से 24 किलोमीटर की दूरी पर गांदरबल (Ganderbal) जिले के तुल्ला मुल्ला गांव में है माता रगन्या देवी का मंदिर जिसे खीर भवानी का मंदिर (Kheer Bhawani temple) भी कहा जाता है. इसका कारण ये है कि देवी मां को यहां सिर्फ खीर का ही भोग लगाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि खीर के भोग से माता प्रसन्न होती हैं और भक्तों को भी यहां प्रसाद के रूप में खीर का ही वितरण किया जाता है (Kheer as prasad). हर साल इस मंदिर में मई महीने में पूर्णिमा के आठवें दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और वार्षिक उत्सव और मेले का आयोजन होता है जिसे खीर भवानी मेला कहा जाता है.
हनुमान जी माता भवानी को लंका से कश्मीर लाए थे
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पहले खीर भवानी माता का मंदिर लंका (Lanka) में था और रावण देवी का परम भक्त था. लेकिन जब रावण (Ravan) देवी सीता का हरण कर उन्हें लंका ले आया तो खीर भवानी देवी उससे इस कदर नाराज हो गईं कि उन्होंने लंका छोड़ने का निर्णय लिया. जब हनुमान जी (Lord Hanuman) सीता मां की तलाश में लंका आए तो खीर भवानी माता ने उनसे कहा कि वह उनकी मूर्ति लंका की बजाय किसी और स्थान पर स्थापित कर दें. इसके बाद हनुमान जी ने देवी मां की मूर्ति को कश्मीर के तुल्ला मुल्ला में स्थापित कर दिया.
मुसीबत आने पर रंग बदलता है यहां के झरने का पानी

इस मंदिर में एक चमत्कारी झरना (Miraculous Spring) भी है जिसके बारे में कहा जाता है कि यह कश्मीर की घटनाओं की भविष्यवाणी करता है. कहा जाता है कि जब कश्मीर क्षेत्र में कोई विपत्ति आने वाली होती है तो इस झरने का पानी अपना रंग बदलता है और काला पड़ जाता है.

(नोट: इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारी और मान्यताओं पर आधारित हैं. जनता से रिश्ता इनकी पुष्टि नहीं करता है


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